उत्तराखंड ने NDMA को सौंपी PDNA रिपोर्ट : 2025 की आपदाओं से ₹15,103 करोड़ का आर्थिक प्रभाव

उत्तराखंड ने NDMA को सौंपी PDNA रिपोर्ट : 2025 की आपदाओं से ₹15,103 करोड़ का आर्थिक प्रभाव

दिनांक : 2026-01-14 00:21:00

देहरादून : उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) ने 2025 में राज्य में आई भारी बारिश, भूस्खलन, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन वाली पोस्ट डिजास्टर नीड एसेसमेंट (PDNA) रिपोर्ट राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA), भारत सरकार को भेज दी है।

यह रिपोर्ट राज्य की पर्वतीय भौगोलिक स्थिति, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और मानसून की तबाही को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। उत्तराखंड पूरे देश में पहला राज्य बन गया है जहां पूरे प्रदेश स्तर पर एक समग्र PDNA किया गया।

कुल आर्थिक प्रभाव

  • रिपोर्ट में आपदाओं से राज्य पर कुल ₹15,103.52 करोड़ का समग्र आर्थिक प्रभाव (Total Economic Impact) अनुमानित किया गया है। इसमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
  • प्रत्यक्ष क्षति (Damages): ₹3,792.38 करोड़
  • आर्थिक हानि (Losses): ₹312.19 करोड़
  • पुनर्वास, पुनर्निर्माण एवं ‘बिल्ड बैक बेटर’ आवश्यकता: ₹10,998.95 करोड़।

सामाजिक क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित

  • सामाजिक क्षेत्र (Social Sector) में कुल ₹4,966.85 करोड़ का प्रभाव दर्ज हुआ।
  • स्वास्थ्य क्षेत्र: ₹2,579.47 करोड़ (सबसे ज्यादा प्रभावित)।
  • आवास: ₹2,005.48 करोड़।
  • शिक्षा भी गंभीर रूप से प्रभावित रही।

अवसंरचना पर भारी असर

  • अवसंरचना क्षेत्र (Infrastructure Sector) में कुल ₹6,225.69 करोड़ का नुकसान आंका गया।
  • जलापूर्ति: ₹4,048.88 करोड़ (सर्वाधिक प्रभावित)।
  • सड़कें: ₹1,963.29 करोड़।
  • विद्युत: ₹213.52 करोड़।
  • उत्पादक क्षेत्र में पर्यटन सबसे ज्यादा प्रभावित।
  • उत्पादक क्षेत्र (Productive Sector) में कुल ₹893.94 करोड़ का प्रभाव पड़ा।
  • पर्यटन: ₹744.94 करोड़ (सबसे बड़ा नुकसान)
  • कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य और वानिकी भी प्रभावित हुए।

भविष्य के लिए आपदा जोखिम न्यूनीकरण

क्रॉस-कटिंग सेक्टर (Cross Cutting Sector) में आपदा जोखिम न्यूनीकरण (DRR) के तहत ₹3,017.04 करोड़ की पुनर्निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण आवश्यकता बताई गई है। इससे भविष्य में आपदाओं के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।

सरकार का लक्ष्य: सुरक्षित और सुदृढ़ उत्तराखंड

आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव श्री विनोद कुमार सुमन ने कहा कि रिपोर्ट का उद्देश्य सिर्फ नुकसान गिनाना नहीं, बल्कि ‘बिल्ड बैक बेटर’ सिद्धांत पर आधारित मजबूत पुनर्वास और पुनर्निर्माण का रोडमैप तैयार करना है। इससे राज्य को अधिक सुरक्षित, आपदा-रोधी और जलवायु-अनुकूल बनाया जा सकेगा।

इस रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार केंद्र से विशेष वित्तीय सहायता की उम्मीद कर रही है, ताकि प्रभावित इलाकों में जल्द पुनर्बहाली, आजीविका संरक्षण और बुनियादी ढांचे का मजबूत पुनर्निर्माण हो सके।

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