सम्पर्क फाउंडेशन ने स्मार्ट स्कूलों और एआई आधारित गवर्नेंस के विस्तार के लिए 25 करोड़ रूपये का किया निवेश

सम्पर्क फाउंडेशन ने स्मार्ट स्कूलों और एआई आधारित गवर्नेंस के विस्तार के लिए 25 करोड़ रूपये का किया निवेश

दिनांक : 2026-01-14 01:03:00

  • 20 वर्षों की उपलब्धि के अवसर पर सम्पर्क फाउंडेशन 20,000 नए स्मार्ट स्कूलों को सहयोग देगा और 8 राज्यों के लगभग 80,000 सरकारी स्कूलों में एआई आधारित कक्षा निगरानी व गवर्नेंस प्लेटफॉर्म लागू करेगा।

देहरादून: सम्पर्क फाउंडेशन ने उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान,महाराष्ट्र, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और सीखने की प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए 25 करोड़ रूपये के निवेश की घोषणा की है। यह घोषणा ऐसे समय पर की गई है जब फाउंडेशन सार्वजनिक शिक्षा में नवाचार और प्रभाव के 20 वर्ष पूरे कर रहा है।

इस विस्तार योजना के तहत, सम्पर्क फाउंडेशन आठों राज्यों में 20,000 अतिरिक्त स्मार्ट स्कूलों को सहयोग देगा। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के डिजिटल रूप से सशक्त कक्षाओं के दृष्टिकोण के अनुरूप है। इसके अंतर्गत, जिन सरकारी स्कूलों में पहले से स्मार्ट टीवी या स्मार्ट बोर्ड मौजूद हैं या प्रस्तावित हैं, वहां सम्पर्क टीवी निःशुल्क लगाया जाएगा। साथ ही, शिक्षकों को कक्षा में प्रभावी उपयोग के लिए संरचित प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

इस विस्तार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा एआई आधारित रियल-टाइम कक्षा निगरानी और गवर्नेंस प्लेटफॉर्म की शुरुआत है, जिसे लगभग 80,000 सरकारी स्कूलों में लागू किया जाएगा। यह प्लेटफॉर्म जिला, ब्लॉक और स्कूल स्तर के शिक्षा अधिकारियों को शिक्षण डेटा ट्रैक करने, कक्षा में बच्चों की भागीदारी पर नजर रखने और सीखने के परिणामों का पूर्वानुमान लगाने में मदद करेगा। इससे शिक्षा व्यवस्था में डेटा आधारित निर्णय, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूती मिलेगी। अपनी तरह का यह पहला अनूठा प्लेटफॉर्म सभी संबंधित स्कूलों में पूरी तरह निःशुल्क लागू किया जाएगा।

आठों राज्य सरकारों को औपचारिक रूप से लेटर ऑफ इंटेंट भेजे जा चुके हैं, जो तकनीक आधारित और छात्र-केंद्रित शिक्षा को बड़े स्तर पर लागू करने की दिशा में अगले चरण की साझेदारी को दर्शाता है। इस अवसर पर सम्पर्क फाउंडेशन के संस्थापक और चेयरमैन श्री विनीत नायर ने कहा, “बीस साल पहले सम्पर्क फाउंडेशन की शुरुआत एक सरल सोच के साथ हुई थी और वह थी—हर बच्‍चे को, चाहे वह कहीं से भी हो, ऐसा सीखने का अनुभव मिलना चाहिए जो उसकी जिज्ञासा को जगाए। राज्य सरकारों के साथ साझेदारी को और गहरा करते हुए हमारा लक्ष्य ऐसे कक्षाएं बनाना है, जहां सीखने के परिणाम सार्थक और टिकाऊ रूप से बेहतर हों।”

वहीं सम्पर्क फाउंडेशन के अध्यक्ष और नीति आयोग के पूर्व विशेष सचिव डॉ. के. राजेश्वर राव ने कहा, “सरकारी शिक्षा का भविष्य डेटा, तकनीक और गवर्नेंस के स्मार्ट उपयोग में है। यह एआई आधारित प्लेटफॉर्म शिक्षा नेतृत्व को तेजी से निर्णय लेने, बेहतर योजना बनाने और कक्षा स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने में सक्षम बनाएगा। यह पहल सरकारी स्कूल व्यवस्था में डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया को संस्थागत रूप देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।”

इसके अतिरिक्त, सम्पर्क फाउंडेशन मार्च 2026 में आठों राज्यों में राज्य स्तरीय एआई एजुकेशन कॉन्क्लेव का आयोजन करेगा। ‘शिक्षा में एआई क्रांति’ विषय पर आधारित इन सम्मेलनों में नीति निर्माता, शिक्षाविद और वैश्विक विशेषज्ञ भाग लेंगे, ताकि तकनीक आधारित शिक्षा के भविष्य पर सार्थक संवाद को आगे बढ़ाया जा सके।

भारत भर में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और हर बच्चे में सीखने के प्रति रुचि विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध सम्पर्क फाउंडेशन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक सभी की समान पहुंच सुनिश्चित करने हेतु राज्य सरकारों के साथ मिलकर कार्य करता है। अपने प्रमुख सम्पर्क स्मार्ट शाला कार्यक्रम के माध्यम से फाउंडेशन अब तक 1.8 करोड़ से अधिक बच्चों तक पहुंच बना चुका है, 1.4 लाख से ज्यादा सरकारी स्कूलों में कार्य कर चुका है, 8.5 लाख से अधिक शिक्षकों को प्रशिक्षित कर चुका है और देशभर में 40,000 स्मार्ट कक्षाओं की स्थापना कर चुका है, जिससे शिक्षण और सीखने का अनुभव बेहतर हुआ है। पिछले दो दशकों में, एक छोटे से विचार के रूप में शुरू हुई यह पहल आज दुनिया के सबसे बड़े शिक्षा आंदोलनों में से एक बन चुकी है, जिसे हार्वर्ड केस स्टडी के रूप में दर्ज किया गया है और बड़े पैमाने पर शिक्षा नवाचारों में वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त हुई है।

 

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