ऋषभ के डिवाइस को मिला 5800 डॉलर का ईनाम
दिनांक : 2026-03-01 02:09:00
गोपेश्वर (चमोली)। राजकीय इंटर कालेज गोपेश्वर के होनहार छात्र ऋषभ नेगी ने दूध और चाय में उबाल आने से पहले लोगों को अलर्ट करने के लिए डिवाइस तैयार किया है। इसके चलते पानी के निश्चित तापमान पर गर्म होने पर डिवाइस अलर्ट कर देगा। ऋषभ ने यह वीडियो यू ट्यूब पर अपलोड की तो नासा के पूर्व वैज्ञानिक अमेरिकी मूल के मार्क राॅबर ने उसे 58 सौ डालर यानि पांच लाख रुपये का ईनाम भेज दिया।
दरअसल ज्योतिर्मठ ब्लाॅक के उर्गम घाटी के देवग्राम निवासी ऋषभ नेगी पीएमश्री राजकीय इंटर कालेज गोपेश्वर में 11वीं का छात्र है। बताया जा रहा है कि नासा के पूर्व वैज्ञानिक मार्क राॅबर कुछ समय पूर्व भारत आए थे। उन्होंने अपने यू-ट्यूब चैनल पर एक प्रतियोगिता रखी। राॅबर के यू ट्यूब पर 78 मिलियन फालोवर्स हैं। राॅबर को भारतीय लोगों की ओर से जुगाड से बनाए रचनात्मक क्रियाकलापों की वीडियो बनाना काफी पसंद है। उन्होंने जुगाड़ से माॅडल तैयार कर उसे यू ट्यूब चैनल पर भेजने की प्रतियोगिता रखी। इसके लिए देश भर के दस लोगों के माॅडल का चयन किया गया। इनमें ऋषभ का माॅडल भी शामिल है। ऋषभ को मार्क राॅबर ने 58 सौ डालर का ईनाम दिया है। यह उपलब्धि एक पुरस्कार नहीं अपितु इस बात को भी रेखांकित करता है कि दृढ इच्छा शक्ति के बल पर बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है।
ऋषभ ने यह साबित कर दिया है कि सोशल मीडिया और मोबाइल समय बिताने का साधन ही नहीं अपितु ज्ञान, अनुसंधान तथा नवाचार का सशक्त माध्यम भी बन सकता है। इससे बच्चों को बड़ा संदेश भी गया है कि निरंतर प्रयास करने से अनुसंधान के क्षेत्र में काफी कुछ किया जा सकता है। वैसे भी मौजूदा जिज्ञासु और संकल्प से परिपूर्ण छात्र ही भविष्य का वैज्ञानिक बन सकता है। ऋषभ ने बताया कि राघव रावत और वेदांत सेमवाल ने एक माॅडल तैयार किया था। इसको भी लोगों ने हाथों हाथ लिया था। राजकीय इंटर कालेज गोपेश्वर के प्रभारी प्रधानाचार्य अनूप खंडूरी का कहना है कि यह कालेज के लिए गर्व और प्रेरणा का क्षण है। यहां के होनहार छात्र ऋषभ को उनके लिए वैज्ञानिक दिशा में प्रोत्साहित करने के लिए उपकरण को नासा के पूर्व वैज्ञानिक की ओर से 5800 डालर का ईनाम देना एक बड़ी उपलब्धि कहा जा सकता है। ऋषभ ने कक्षा एक से आठ तक की पढ़ाई उगर्म में ही की। इसके बाद वह पढ़ाई करने गोपेश्वर आ गया। ऋषभ के पिता नागेंद्र सिंह नेगी पेशे से ठेकेदार हैं तो माता ऊषा देवी गृहणी। ऋषभ की इस उपलब्धि पर सबको नाज है। जिला मुख्यालय गोपेश्वर में दिन भर यही चर्चा रही की एक मेधावी छात्र ने ऐसा कमाल कर दिखाया है कि इससे चमोली जिले का मान भी बढ़ा है।

