कुंभ मेला-2027 : मेलाधिकारी सोनिका ने की कार्यों की प्रगति की समीक्षा, अधिकारियों को सभी तैयारियों में तेजी लाने के निर्देश
दिनांक : 2026-04-06 20:18:00
हरिद्वार : कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए मेलाधिकारी सोनिका ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन कार्यों के लिए सैद्धांतिक सहमति दी जा चुकी है, उनके लिए औपचारिक स्वीकृति की प्रतीक्षा किए बिना तुरंत निविदा आमंत्रण की प्रक्रिया पूर्ण की जाए। साथ ही, ऐसी योजनाओं के लिए वित्तीय स्वीकृति मिलते ही कार्य प्रारंभ करने हेतु सभी तैयारियां पहले से सुनिश्चित की जाएं, ताकि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा से पहले पूरे हो सकें। उन्होंने चेतावनी दी कि तैयारियों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या विलंब को गंभीरता से लिया जाएगा।
कुंभ मेला-2027 की तैयारियों से जुड़े विभागों के अधिकारियों की मेला कार्यालय में आयोजित बैठक में मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने स्वीकृत कार्यों की प्रगति तथा प्रस्तावित योजनाओं को लेकर विभागों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग पिछले कुंभ मेले में उपलब्ध कराई गई सामग्री का इस बार अनिवार्य रूप से उपयोग सुनिश्चित करें तथा अस्थायी व्यवस्थाओं में प्रयुक्त होने वाली सामग्रियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करें।
उन्होंने कहा कि सभी कार्यों के औचित्य का सत्यापन कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए और किसी भी स्थिति में व्यवस्थाओं का दोहराव न हो। इसके लिए मेला प्रशासन एवं अन्य विभागों के अधिकारियों की टीम द्वारा क्रॉस-चेकिंग भी सुनिश्चित की जाएगी।
मेलाधिकारी ने यह भी कहा कि मेला क्षेत्र में दशकों पुराने जर्जर कुओं से जन-जीवन को खतरा हो सकता है, इसलिए ऐसे स्थानों पर सुरक्षा के प्रभावी इंतजाम किए जाएं। आगामी कांवड़ मेले से पूर्व पुलों का रंग-रोगन कराने तथा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने कुंभ मेला के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं एवं स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग को सभी सेक्टरों में पर्याप्त स्टाफ, दवाइयों और आवश्यक उपकरणों की समय से उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।
बैठक में अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, उप मेलाधिकारी आकाश जोशी एवं मनजीत सिंह, मेला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज वर्मा, तकनीकी सेल के अधिशासी अभियंता अनुभव नौटियाल सहित लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, यूपीसीएल, परिवहन, ग्रामीण निर्माण विभाग, पेयजल निगम, जल संस्थान आदि विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

