डीएम स्वाति एस. भदौरिया ने शशिधर भट्ट स्पोर्ट्स स्टेडियम का किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं में सुधार के लिए दिए सख्त निर्देश
दिनांक : 2026-04-30 18:18:00
कोटद्वार : जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया द्वारा शशिधर भट्ट खेल स्टेडियम, कोटद्वार का विस्तृत एवं गहन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान स्टेडियम परिसर में खेल सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्था, निर्माण कार्यों, हॉस्टल एवं खिलाड़ियों को उपलब्ध संसाधनों का बारीकी से जायज़ा लिया गया। इस दौरान विभिन्न कमियां पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए समयबद्ध सुधार सुनिश्चित करने को कहा।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पीआरडी कार्मिकों की जानकारी ली तथा स्टेडियम में मल्टीपर्पज कार्मिकों की नियुक्ति करने के निर्देश दिए, जिससे व्यवस्थाओं का बेहतर संचालन हो सके। बॉक्सिंग हॉल एवं टीटी हॉल का अवलोकन करते हुए उन्होंने पाया कि फ्लोरिंग, दीवारों एवं जालियों की स्थिति ठीक नहीं है। इस पर उन्होंने जिला खेल अधिकारी को शीघ्र डीपीआर तैयार कर मरम्मत कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए।
स्टेडियम परिसर में साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित स्वच्छता कर्मचारी को हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि एक सप्ताह के भीतर समुचित स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके लिए उपजिलाधिकारी को पंद्रह दिन बाद पुनः निरीक्षण कर स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही यह भी कहा गया कि यदि स्थिति में सुधार नहीं पाया गया तो संबंधित टेंडर निरस्त कर दिया जाएगा।
हॉस्टल एवं डाइनिंग हॉल का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने साफ-सफाई की खराब स्थिति पर हॉस्टल वार्डन का स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। हॉस्टल में नियमित सफाई सुनिश्चित करने, खिड़कियों के शीशे ठीक कराने तथा जहां आवश्यक हो वहां जालियां लगाने को कहा गया। गर्मी को देखते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक कमरे में कूलर लगाने हेतु धनराशि जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध करायी जायेगी। कैंटीन में गंदगी पाए जाने पर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
खेल सुविधाओं के अंतर्गत वॉलीबॉल कोर्ट, बैडमिंटन कोर्ट एवं हॉकी मैदान का निरीक्षण किया गया। बैडमिंटन कोर्ट में टूट-फूट एवं वेंटिलेशन की कमी पाए जाने पर मरम्मत एवं सुधार के निर्देश दिए गए। मरम्मत कार्यों के लिए कोचों की समिति बनाकर एस्टीमेट तैयार करने को कहा गया। वॉलीबॉल कोर्ट की मरम्मत तथा हॉकी मैदान के रखरखाव के निर्देश भी दिए गए। साथ ही स्टेडियम के समुचित रखरखाव हेतु ग्रास कटर एवं स्प्रिंकलर की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। बास्केटबॉल कोर्ट का निर्माण कर कोच की नियुक्ति तथा क्रिकेट कोच की भी नियुक्ति करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि स्टेडियम में क्रिकेट तथा बास्केटबॉल का प्रशिक्षण भी शीघ्र शुरू किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने जिला खनिज न्यास अंतर्गत किए जा रहे कार्यों के निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता तथा ठेकेदार से वार्ता करते हुए मरम्मत एवं निर्माण कार्य तत्काल प्रारंभ कर 15 दिनों के भीतर पूर्ण करने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। निर्माणदायी संस्था आरडब्ल्यूडी के इंजीनियर को भी निर्देशित किया गया कि कार्यों की नियमित एवं गुणवत्ता युक्त जांच सुनिश्चित करें।
निरीक्षण में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई, जिस पर ठेकेदार ने अगले दिन से कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिलाधिकारी ने खेल अधिकारी को निर्देश दिए कि स्टेडियम के रेनोवेशन हेतु मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत प्रस्ताव शीघ्र प्रेषित किया जाए। उन्होंने अवगत कराया कि डीएमएफ के तहत इंटरलॉकिंग टाइल्स, ड्रेनेज एवं गेट निर्माण का कार्य प्रगति पर है, जिसकी गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
स्टेडियम के समीप स्थित ट्रेंचिंग जोन के कारण परिसर में कूड़ा आने की समस्या पर खेल अधिकारी द्वारा अवगत कराए जाने पर जिलाधिकारी ने ‘व्यू कटर’ लगाने हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी द्वारा ओपन जिम, शौचालय एवं पेयजल व्यवस्था का भी निरीक्षण किया गया और आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए। इस दौरान छात्रावास में रहने वाले खिलाड़ियों से संवाद कर उनकी समस्याएं, सुझाव एवं फीडबैक प्राप्त किया गया। जिलाधिकारी ने उनके भोजन, पढ़ाई, पुस्तकें आदि सुविधाओं के बारे में जानकारी ली और सुधार के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि स्टेडियम में शिकायत पंजिका अनिवार्य रूप से बनाई जाए, ताकि खिलाड़ियों को किसी भी समस्या के समाधान के लिए एक प्रभावी माध्यम उपलब्ध हो सके। साथ ही उपजिलाधिकारी को प्रत्येक माह निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए।
इसके उपरांत जिलाधिकारी ने युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल की व्यायामशाला का निरीक्षण किया। व्यायामशाला की स्थिति अत्यंत खराब पाए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जतायी। व्यायामशाला के प्रशिक्षक द्वारा अवगत कराया गया कि नयी व्यायामशाला के निर्माण हेतु प्रस्ताव पूर्व में प्रस्तुत किया गया है। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि प्रस्ताव पर शीघ्र संज्ञान लेते हुए इसे और सुदृढ़ एवं आधुनिक रूप में विकसित किया जाएगा।
उन्होंने व्यायामशाला में नए जिम्नेजियम हॉल, पेयजल, शौचालय, ऑफिस कक्ष, रेलिंग सहित आगणन तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही सफाई व्यवस्था में सुधार कराने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्टेडियम एवं व्यायामशाला की व्यवस्थाओं में त्वरित सुधार सुनिश्चित करते हुए खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएं, ताकि खेल गतिविधियों को प्रोत्साहन मिल सके।
इस अवसर पर उपजिलाधिकारी संदीप कुमार, अधिशासी अभियंता आरडब्ल्यूडी श्रीपति डोभाल, जिला क्रीड़ा अधिकारी जयबीर सिंह रावत, जिला युवा कल्याण अधिकारी रविन्द्र फोनिया, प्रभारी तहसीलदार राजेंद्र सनवाल सहित अन्य अधिकारी एवं खिलाड़ी उपस्थित रहे।

