यूएनडीपी के सहयोग से उत्तराखंड में कौशल, रोजगार और डिजिटल सेवाओं को मिलेगी नई गति
दिनांक : 2026-07-03 16:55:00
देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन से शुक्रवार को सचिवालय में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) की भारत में डिप्टी रेजिडेंट रिप्रेजेंटेटिव सुश्री ईजाबेल ने शिष्टाचार भेंट कर उत्तराखंड में चल रहे विभिन्न विकास कार्यक्रमों और भविष्य के सहयोग पर चर्चा की।
बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड में कौशल विकास, रोजगार सृजन, कार्बन क्रेडिट, डिजिटल सेवाओं के विस्तार और जन्म से ट्रैकिंग सिस्टम जैसे क्षेत्रों में यूएनडीपी की विशेषज्ञता का लाभ लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की साक्षरता दर बेहतर है, लेकिन युवाओं को कौशल और रोजगार से जोड़ने के लिए ठोस प्रयासों की आवश्यकता है।
मुख्य सचिव ने प्रदेश के लगभग 70 प्रतिशत वन क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कार्बन क्रेडिट के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग का भी अनुरोध किया। साथ ही सरकारी सेवाओं के डिजिटलीकरण और ऑनलाइन सिस्टम को मजबूत बनाने में यूएनडीपी की भागीदारी पर भी जोर दिया।
यूएनडीपी की डिप्टी रेजिडेंट रिप्रेजेंटेटिव सुश्री ईजाबेल ने बताया कि संगठन उत्तराखंड में सुशासन, सतत विकास लक्ष्य, सार्वजनिक नीति, उद्यमिता, आईटी एवं एमआईएस, क्षमता निर्माण और निजी क्षेत्र में तकनीकी सहायता प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और यूएनडीपी के बीच हुए समझौते के तहत जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण, आपदा जोखिम न्यूनीकरण, आजीविका, कौशल विकास और ज्ञान प्रबंधन के क्षेत्र में भी सहयोग किया जाएगा।
बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, अपर सचिव नरेंद्र सिंह भंडारी, यूएनडीपी के सत्यन चौहान और प्रदीप मेहता समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

