ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, प्राधिकरण के नियमों में हो शिथिलीकरण
दिनांक : 2026-07-07 00:22:00
गोपेश्वर (चमोली)। गोपीनाथ मंदिर के 300 मीटर के दायरे में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और जिला विकास प्राधिकरण की ओर से भवन निर्माण की मंजूरी न मिलने से गुस्साए गोपेश्वर गांव के ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन कर गुस्से का इजहार किया। उन्होंने गोपेश्वर नगर के अस्तित्व को बचाए रखने के लिए प्राधिकरण को समाप्त करने की मांग भी की।
स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी कार्यालय में एकत्र होकर भवन निर्माण संबंधी प्रतिबंधों के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि श्री गोपीनाथ मंदिर के 300 मीटर दायरे में पुनर्निर्माण और नए भवनों के निर्माण की अनुमति नहीं मिलने से स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई निर्माणाधीन भवनों को सील किए जाने से लोगों में रोष व्याप्त है। लोगों ने इस व्यवस्था को आम नागरिकों के हितों के खिलाफ बताते हुए जिला विकास प्राधिकरण को समाप्त करने और पुरातत्व विभाग के नियमों में शिथिलीकरण की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि गोपेश्वर नगर क्षेत्र को जिला विकास प्राधिकरण के दायरे से बाहर किया जाए, ताकि स्थानीय लोगों को भवन निर्माण में अनावश्यक बाधाओं का सामना न करना पड़े। बताया कि इस संबंध में एक ज्ञापन तैयार किया जा रहा है। इसे अगले 15 दिनों के भीतर जिला प्रशासन के माध्यम से प्रदेश सरकार और भारत सरकार को भेजा जाएगा। ज्ञापन में प्रदेश सरकार से जिला विकास प्राधिकरण को समाप्त करने तथा भारत सरकार से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के नियमों में आवश्यक शिथिलीकरण करने की मांग की जाएगी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो भविष्य में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
इस दौरान नवल भट्ट, विनोद जोशी, बीएस बिष्ट, शांति प्रसाद भट्ट, सुशीला सेमवाल, उषा रावत, मंगला कोठियाल, अनसूया प्रसाद खाली, चंद्रकला बिष्ट, केके डिमरी, योगेंद्र बिष्ट, सूर्य प्रकाश पुरोहित, पुष्पा पासवान, किशन सिंह बिष्ट आदि मौजूद रहे।

