मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग, वामपंथी दलों ने धरना देकर राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
दिनांक : 2026-10-01 02:28:00
देहरादून। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर वामपंथी दलों और विभिन्न जनवादी संगठनों ने गांधी पार्क के सामने धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने निर्वाचन आयोग के कामकाज और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सवाल उठाए। जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर मामले में कार्रवाई की मांग की गई।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि निर्वाचन आयोग के भीतर दो चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से एसआईआर और मतदाता सूची प्रबंधन से जुड़े फैसलों पर आपत्तियां दर्ज किए जाने से आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार दोनों आयुक्तों ने पिछले दस महीनों में कम से कम 14 बार कुछ फैसलों और आदेशों पर आपत्ति दर्ज की थी। आपत्तियां मतदाता पंजीकरण, नाम हटाने और बहाल करने, फॉर्म-6 में बदलाव तथा मतदाता सूची के डिजिटल प्रबंधन से जुड़े मामलों पर थीं।
ज्ञापन में प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि आयोग में लिए गए कुछ फैसलों में दोनों चुनाव आयुक्तों की सहमति या जानकारी नहीं थी। उन्होंने मतदाता सूची के डिजिटल डाटा और ईआरओनेट की पहुंच के केंद्रीकरण पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि इससे राज्य और जिला स्तर के निर्वाचन अधिकारियों की भूमिका प्रभावित हो सकती है।
प्रदर्शनकारियों ने एसआईआर प्रक्रिया रोकने, जिन मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं उन्हें बहाल करने और निर्वाचन आयोग की स्वतंत्र व लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने की मांग की। इसके साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति व्यवस्था में बदलाव की मांग भी रखी गई।
ज्ञापन में चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट के 2023 के अनूप बरनवाल मामले का भी हवाला दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश वाली चयन व्यवस्था बहाल करने की मांग की। उन्होंने भविष्य के चुनावों में कागजी मतपत्र की व्यवस्था लागू करने की मांग भी रखी।
इस दौरान राजेंद्र सिंह नेगी, राजेंद्र पुरोहित, इन्द्रेश मैखुरी, जगदीश कुलियाल, पी यादव, हेमा बोरा, बालेश बबानिया, रेखा शर्मा, एस एस नेगी, इन्द्रेश नौटियाल, एस. एस. सजवाण, शिवप्रसाद देवली, नितिन मलेठा आदि मौजूद रहे।
