उत्तराखण्ड विधानसभा चुनाव 2027, EVM चेकिंग और बूथ गठन का काम शुरू

उत्तराखण्ड विधानसभा चुनाव 2027, EVM चेकिंग और बूथ गठन का काम शुरू

दिनांक : 2026-10-02 12:22:00

देहरादून : उत्तराखण्ड में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज होने जा रही हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से एक अक्टूबर से प्रदेशभर में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) मशीनों की प्रथम चरण की जांच (एफएलसी) शुरू कराई जाएगी। यह प्रक्रिया जिलावार पूरी की जाएगी। इसके साथ ही प्रदेश के प्रत्येक मतदान केंद्र पर उपलब्ध सुविधाओं और चुनाव के दौरान जरूरी व्यवस्थाओं का आकलन भी किया जाएगा। चुनावी तैयारियों के लिए निर्धारित कैलेंडर के अनुसार अक्टूबर से विभिन्न गतिविधियां चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेंगी।

ईवीएम और वीवीपैट की तकनीकी जांच होगी

विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की प्रथम चरण की जांच महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसके अंतर्गत मशीनों की तकनीकी स्थिति, कार्यप्रणाली और निर्धारित मानकों के अनुरूप उनकी स्थिति की जांच की जाएगी। जिलों में उपलब्ध मशीनों का सत्यापन करने के साथ तय प्रक्रिया के अनुसार उनका परीक्षण भी पूरा कराया जाएगा।

इस जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चुनाव में इस्तेमाल होने वाली मशीनें निर्धारित मानकों के अनुरूप हों। समय रहते तकनीकी खामियों की पहचान होने से मतदान के दौरान संभावित समस्याओं की आशंका को कम करने में मदद मिलेगी। एक अक्टूबर से शुरू होने वाली इस प्रक्रिया के साथ चुनावी मशीनरी का ध्यान मशीनों की जांच और मतदान केंद्रों की तैयारियों, दोनों पर रहेगा।

हर मतदान केंद्र की जरूरतों का होगा आकलन

ईवीएम-वीवीपैट की जांच के साथ ही प्रदेश के सभी मतदान केंद्रों की स्थिति का भी आकलन किया जाएगा। प्रशासन यह पता लगाएगा कि प्रत्येक बूथ पर मतदान के दौरान मतदाताओं और चुनावी प्रक्रिया के सुचारु संचालन के लिए किन सुविधाओं की आवश्यकता है।

इस दौरान मतदान केंद्र के भवन की स्थिति, बिजली और पानी की उपलब्धता, वहां तक पहुंचने की सुविधा तथा अन्य जरूरी बुनियादी व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी। जिन मतदान केंद्रों पर किसी सुविधा की कमी सामने आएगी, वहां चुनाव से पहले जरूरी व्यवस्था पूरी कराने के लिए संबंधित स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।

अक्टूबर से तय कैलेंडर के अनुसार आगे बढ़ेगा काम

विधानसभा चुनाव में अभी समय है, लेकिन चुनाव आयोग की तैयारियां अंतिम समय में काम का दबाव कम करने के उद्देश्य से पहले ही शुरू कर दी जाती हैं। इसी क्रम में अक्टूबर से ईवीएम-वीवीपैट की जांच और मतदान केंद्रों की जरूरतों के आकलन का काम शुरू किया जा रहा है।

निर्धारित चुनावी कैलेंडर के अनुसार आगे मतदाता सूची से संबंधित कार्य, मतदान केंद्रों की व्यवस्थाएं, चुनाव ड्यूटी में तैनात होने वाले कार्मिकों की तैयारी, प्रशिक्षण और चुनाव से जुड़ी अन्य प्रक्रियाएं भी चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेंगी। इससे चुनाव से पहले जरूरी प्रशासनिक कार्यों को समय रहते पूरा करने की दिशा में काम किया जा सकेगा।

पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में तैयारियां होंगी अहम

उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियां चुनावी तैयारियों को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बनाती हैं। प्रदेश में मैदानी इलाकों के साथ बड़ी संख्या में पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में भी मतदान केंद्र स्थित हैं। ऐसे स्थानों पर मतदान केंद्र तक पहुंच, बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता और अन्य व्यवस्थाओं का समय रहते आकलन करना जरूरी है।

इसी तरह चुनाव में इस्तेमाल होने वाली मशीनों की जांच भी पहले से पूरी करना महत्वपूर्ण है। ऐसे में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से कई महीने पहले अक्टूबर से शुरू हो रही यह प्रक्रिया चुनावी तैयारियों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने का हिस्सा है। आने वाले महीनों में मशीनों की जांच से लेकर मतदाता सूची, मतदान केंद्रों और चुनावी कार्मिकों से जुड़ी व्यवस्थाओं पर काम निर्धारित कैलेंडर के अनुसार जारी रहेगा।

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