ल्वाली-घीड़ी पहुंचीं डीएम स्वाति एस. भदौरिया, गांवों की चौखट पर परखी विकास की हकीकत, मिड-डे मील में लकड़ी का चूल्हा देख हुई नाराज, लगाई फटकार

ल्वाली-घीड़ी पहुंचीं डीएम स्वाति एस. भदौरिया, गांवों की चौखट पर परखी विकास की हकीकत, मिड-डे मील में लकड़ी का चूल्हा देख हुई नाराज, लगाई फटकार

दिनांक : 2026-10-04 02:44:00

  • स्कूल में बच्चों की कमजोर गणितीय बुनियाद पर शिक्षकों को फटकार, महिलाओं की आजीविका बढ़ाने उपकरण देने के निर्देश; घीड़ी में शहीद पार्क की डीपीआर जल्द तैयार करने को कहा

पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने शनिवार को ल्वाली और घीड़ी का स्थलीय भ्रमण कर विकास कार्यों, आजीविका गतिविधियों, विद्यालयी व्यवस्थाओं और ग्रामीण सुविधाओं की जमीनी हकीकत परखी। उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर समस्याएं और सुझाव सुने तथा संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। ल्वाली के राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय में बच्चों की बुनियादी गणितीय समझ कमजोर मिलने पर उन्होंने शिक्षकों को बुनियादी अवधारणाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। वहीं महिलाओं की आजीविका गतिविधियों को गति देने के लिए बुश कटर, डीहाइड्रेटर और ग्रेडिंग मशीन उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा।

महिलाओं की आय बढ़ाने पर फोकस

ल्वाली में जिलाधिकारी ने साधना स्वायत्त सहकारिता के संग्रहण केंद्र का निरीक्षण किया। जिला स्तरीय फेडरेशन के सहयोग से संचालित पशु आहार और स्थानीय उत्पादों के विक्रय की जानकारी लेते हुए उन्होंने महिलाओं से संग्रहण, प्रसंस्करण, बिक्री और आय से जुड़े विषयों पर बातचीत की।

महिलाओं ने गतिविधियों को विस्तार देने के लिए झाड़ी कटान हेतु बुश कटर, उत्पादों के संरक्षण के लिए डीहाइड्रेटर और ग्रेडिंग मशीन की मांग रखी। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक उपकरणों के लिए प्रस्ताव तैयार कर जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय संसाधनों और बाजार की मांग के अनुरूप आजीविका गतिविधियों में विविधता लाई जाए, ताकि महिलाओं की आय में बढ़ोतरी हो।

गणित के सवालों में अटके बच्चे, डीएम ने शिक्षकों को दिए निर्देश

राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय ल्वाली के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बाल मेले में विद्यार्थियों की ओर से तैयार किए गए मॉडल देखे। बच्चों ने विद्युत परिपथ, पृथ्वी के स्थलरूप, वर्षा जल संरक्षण, वायुमंडल की परतों, द्विविमीय से त्रिविमीय आकृतियों, औषधीय पौधों और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे विषयों पर मॉडल प्रस्तुत किए।

कक्षा पांच के विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान कुछ बच्चे गणित के आधारभूत सवालों का जवाब नहीं दे सके। इस पर जिलाधिकारी ने शिक्षकों को बच्चों की बुनियादी अवधारणाएं मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षण में अपनाए जा रहे नवाचारी तरीकों की जानकारी लेते हुए कहा कि गतिविधि आधारित शिक्षण से बच्चों को विषयों को व्यावहारिक रूप से समझने और अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है।

प्रतिभाशाली बच्चों को मिले पर्याप्त मंच

समग्र शिक्षा के तहत आयोजित क्लस्टर आधारित सामाजिक विज्ञान महोत्सव की भाषण प्रतियोगिता में जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों के विचार सुने। सोशल मीडिया विषय पर एक बालिका की प्रस्तुति की उन्होंने विशेष सराहना की। उन्होंने मुख्य शिक्षाधिकारी को निर्देश दिए कि विद्यालयों में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने और प्रदर्शित करने के पर्याप्त अवसर दिए जाएं।

मिड-डे मील में लकड़ी का चूल्हा देख नाराज हुईं डीएम

विद्यालय में तैयार हो रहे मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता भी जिलाधिकारी ने परखी। उन्होंने दाल और सब्जी का स्वाद लिया तथा भोजनमाताओं से बातचीत की। निर्धारित मेन्यू के अनुसार पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। विद्यालय में गैस कनेक्शन होने के बावजूद लकड़ी के चूल्हे पर भोजन बनाए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई और भोजन गैस पर ही तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आदर्श विद्यालय के अनुरूप यहां जो भी आवश्यकताएं हैं, उन्हें पूरा कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

घीड़ी में ग्रामीणों ने रखीं समस्याएं, शहीद पार्क की डीपीआर के निर्देश

इसके बाद जिलाधिकारी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के पैतृक गांव घीड़ी पहुंचीं। ग्रामीणों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ उनका स्वागत किया। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर क्षेत्र की समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली।

ग्रामीणों की मांग पर प्रस्तावित शहीद पार्क के लिए चिन्हित भूमि का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीण निर्माण विभाग से पार्क के डिजाइन और प्रस्तावित सुविधाओं की जानकारी ली। पार्क में ओपन जिम, वॉकिंग ट्रैक और सौंदर्यीकरण सहित विभिन्न सुविधाएं प्रस्तावित हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पार्क का निर्माण ग्रामीणों की सहमति और उनकी अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए किया जाए। उन्होंने ग्रामीण निर्माण विभाग को विस्तृत डीपीआर तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा, ताकि धनराशि स्वीकृत होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जा सके।

स्कूल मरम्मत, सोलर लाइट और पेयजल पर भी निर्देश

ग्रामीणों ने राजकीय इंटर कॉलेज कालेश्वर में सोलर लाइट और विद्यालय भवन की क्षति से जुड़ी समस्याएं रखीं। जिलाधिकारी ने सोलर लाइट उपलब्ध कराने के लिए उरेडा को निर्देश दिए तथा विद्यालय की मरम्मत के लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा।

ग्राम गैंड की पेयजल योजना में आवश्यक लाइन जोड़ने और खराब फीडर की समस्या का मौके पर निरीक्षण कर समाधान के निर्देश दिए गए। सामुदायिक भवन की मांग पर जिलाधिकारी ने बताया कि उसका प्राक्कलन तैयार किया जा चुका है और प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।

बैंक सखियों के जरिए गांव तक पहुंचेगी बैंकिंग सुविधा

ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए जिलाधिकारी ने बैंक सखियों के माध्यम से आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने घीड़ी स्थित पर्यटक विश्राम गृह का भी निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।

ग्रामीणों की ओर से सड़क, सफाई और मरम्मत संबंधी समस्याएं भी रखी गईं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से मौके पर जानकारी लेते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। अठूल गांव की सड़कों की मरम्मत का प्रस्ताव एससीपी में प्रस्तुत करने को कहा।

‘गांव पहुंचकर योजनाओं की वास्तविक स्थिति जानना मकसद’

जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने कहा कि क्षेत्र भ्रमण का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित योजनाओं और विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति जानना तथा ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को समझना है। उन्होंने अधिकारियों को ग्रामीणों से प्राप्त शिकायतों और आवश्यकताओं पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इस दौरान ग्राम प्रधान घीड़ी मातबर सिंह बिष्ट, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेश सयाना, जिला पंचायत राज अधिकारी जितेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता ग्रामीण निर्माण विभाग लक्ष्मी प्रसाद भट्ट, राजस्व उपनिरीक्षक दीपक बेलवाल, वैभव प्रताप, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी विजय कपरवाण सहित संबंधित अधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे।

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