उत्तराखंड : बनबसा में पहली बार हुई धामी कैबिनेट की बैठक, 24 प्रस्तावों पर लगी मुहर, ये हुए बड़े फैसले 

उत्तराखंड : बनबसा में पहली बार हुई धामी कैबिनेट की बैठक, 24 प्रस्तावों पर लगी मुहर, ये हुए बड़े फैसले 

दिनांक : 2026-10-05 00:33:00

चंपावत : उत्तराखंड राज्य गठन के बाद पहली बार कैबिनेट बैठक जिलों में करने का फैसला लिया गया और पहली बैठक चंपावत जिले के बनबसा  में आयोजित की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 24 प्रस्तावों पर चर्चा हुई। बैठक में युवाओं के कौशल विकास, कुक्कुट पालन, उच्च शिक्षा, कर्मचारियों की संपत्ति के विवरण, नजूल भूमि के नियमितीकरण, निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना और विभागीय समन्वय सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

युवाओं के कौशल विकास पर 200 करोड़

कैबिनेट ने युवाओं के कौशल विकास के लिए 200 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है। योजना के तहत उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को रोजगारपरक और तकनीकी कौशल से जुड़े पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए जाएंगे। इन पाठ्यक्रमों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सहित नई तकनीकों और रोजगार बाजार की जरूरतों के अनुरूप अन्य कौशल को शामिल किया जाएगा।

बताया गया कि प्रत्येक सेमेस्टर में छह क्रेडिट के स्किल आधारित पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को डिग्री के साथ-साथ व्यावहारिक और तकनीकी दक्षता उपलब्ध कराना है। उच्च शिक्षा विभाग के तहत प्रस्तावित स्किल डिप्लोमा कार्यक्रम से प्रदेश के एक लाख से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

पहाड़ी कुक्कुट पालकों को फीड पर सब्सिडी

कैबिनेट ने पर्वतीय क्षेत्रों के कुक्कुट पालकों को राहत देते हुए फीड पर सब्सिडी देने का निर्णय लिया है। यह सहायता डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। सरकार के अनुसार योजना से करीब 2,000 कुक्कुट पालकों को लाभ मिलेगा और इसके लिए लगभग दो करोड़ रुपये की सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी।

पशुपालन, मत्स्य और डेयरी विभागों में होगा बेहतर समन्वय

पशुपालन, मत्स्य और डेयरी विकास विभागों के बीच बेहतर तालमेल के लिए डायरेक्टर जनरल के पद को अपग्रेड करने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी। सरकार का कहना है कि इससे तीनों क्षेत्रों से जुड़े कार्यों में प्रशासनिक समन्वय बेहतर होगा और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।

निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के नियमों में बदलाव

कैबिनेट ने निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से जुड़े नियमों में भी बदलाव को मंजूरी दी है। अब विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए पहले निर्धारित 10 एकड़ भूमि की अनिवार्यता के स्थान पर 20,000 वर्ग मीटर भूमि का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही पांच करोड़ रुपये के गारंटी फंड की अनिवार्यता को भी समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।

कर्मचारियों को देना होगा संपत्ति का विवरण

कर्मचारी आचरण नियमों में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसके तहत संबंधित श्रेणी के सरकारी कर्मचारियों को अपनी संपत्ति का विवरण निर्धारित अवधि में प्रस्तुत करना होगा। कैबिनेट में संपत्ति विवरण से जुड़े प्रावधानों में संशोधन पर भी निर्णय लिया गया।प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी का पद समूह-ख में
प्रांतीय रक्षक दल के अधिकारियों के पद को समूह-ख में शामिल करने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इससे संबंधित अधिकारियों के पद और सेवा ढांचे में बदलाव का रास्ता साफ होगा।

नजूल भूमि के नियमितीकरण का अभियान

कैबिनेट ने प्रदेश में नजूल भूमि के नियमितीकरण को लेकर अभियान चलाने का निर्णय लिया है। खटीमा, बनबसा और चंपावत के साथ प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में मौजूद नजूल भूमि के मामलों का भी नियमितीकरण किए जाने की बात सामने आई है।

वन विभाग के मामलों के लिए PMU

वन विभाग से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) गठित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। इसका उद्देश्य विभागीय स्तर पर लंबित मामलों के निस्तारण और विभिन्न प्रक्रियाओं में बेहतर समन्वय स्थापित करना है।

डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी

कैबिनेट बैठक में डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी का भी निर्णय लिया गया। इससे चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े प्रशिक्षणरत चिकित्सकों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

नरेंद्रनगर में खुलेगा सब-रजिस्ट्रार कार्यालय

टिहरी जिले के नरेंद्रनगर में सब-रजिस्ट्रार कार्यालय खोलने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली है। इससे क्षेत्र के लोगों को पंजीकरण संबंधी कार्यों के लिए अन्य स्थानों पर जाने की आवश्यकता कम होगी।

TDC को 66 करोड़ का विशेष पैकेज

कैबिनेट ने TDC के लिए 66 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज को भी मंजूरी दी है। इसके साथ ही बैठक में विभागीय स्तर पर कई अन्य प्रशासनिक और नीतिगत प्रस्तावों पर भी निर्णय लिए गए।

जिलों में कैबिनेट बैठक का संदेश

बनबसा में पहली बार कैबिनेट बैठक आयोजित कर सरकार ने यह संकेत भी दिया है कि भविष्य में मंत्रिमंडल की बैठकें केवल देहरादून तक सीमित नहीं रहेंगी। अलग-अलग जिलों में कैबिनेट बैठक आयोजित करने से स्थानीय परिस्थितियों, क्षेत्रीय समस्याओं और विकास की जरूरतों को सीधे सरकार के सामने रखने का अवसर मिल सकता है।

चुनावी वर्ष में हुई इस बैठक में युवाओं, रोजगार, शिक्षा और स्थानीय विकास से जुड़े फैसलों पर विशेष जोर रहा। सरकार के लिए अब इन फैसलों को धरातल पर लागू करना और उनका प्रभाव दिखाई देना अहम चुनौती होगी।

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