फूलों की घाटी के द्वार बंद, सैलानियों की आमद ने बनाया नया रिकॉर्ड

फूलों की घाटी के द्वार बंद, सैलानियों की आमद ने बनाया नया रिकॉर्ड

दिनांक : 2026-10-31 19:29:00

  • इस सीजन 35,261 देशी-विदेशी पर्यटकों ने किया प्रकृति के अनुपम सौंदर्य का दीदार
  • वन विभाग को मिला 67.07 लाख रुपये का राजस्व

गोपेश्वर (चमोली)। विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी शनिवार 31 अक्टूबर को पर्यटकों की आवाजाही के लिए बंद कर दी गई। एक जून को खुले घाटी के द्वार पांच माह बाद बंद हुए तो इस बार पर्यटकों की आमद का नया रिकॉर्ड भी दर्ज हो गया। पूरे पर्यटन सीजन में 35,261 देशी-विदेशी सैलानी घाटी की प्राकृतिक सुंदरता निहारने पहुंचे। पर्यटकों की इस रिकॉर्ड आमद से वन विभाग को 67 लाख सात हजार 500 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।

हिमालय की गोद में स्थित फूलों की घाटी हर साल देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करती है। रंग-बिरंगे फूलों की सैकड़ों प्रजातियां, दुर्लभ वनस्पतियां और समृद्ध जैव विविधता इस घाटी को दुनिया के प्रमुख प्राकृतिक पर्यटन स्थलों में शामिल करती हैं। इस वर्ष भी घाटी में पर्यटकों की आवाजाही लगातार बनी रही। वन क्षेत्राधिकारी आशीष जिरवान ने बताया कि इस सीजन कुल 35,261 पर्यटकों ने घाटी का भ्रमण किया। इनमें 34,996 भारतीय और 265 विदेशी पर्यटक शामिल हैं।

भारतीय पर्यटकों में 21,306 पुरुष और 8,604 महिलाएं घाटी पहुंचीं। इसके अलावा 18 वर्ष से अधिक आयु के 4,431 विद्यार्थी एवं शोधकर्ताओं तथा 12 वर्ष से अधिक आयु के 124 बच्चों ने भी घाटी का दीदार किया। 531 वृद्ध पर्यटकों ने भी यहां की प्राकृतिक छटा का आनंद लिया। विदेशी पर्यटकों में 127 पुरुष और 138 महिलाएं शामिल रहीं।

इस सीजन 27 सितंबर को अत्यधिक बारिश और मौसम विभाग की चेतावनी के चलते पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए घाटी को एहतियातन एक दिन के लिए बंद रखा गया था। इसके बावजूद पर्यटकों की संख्या पर इसका खास असर नहीं पड़ा और सीजन के अंत तक पिछले सभी रिकॉर्ड पीछे छूट गए।

फूलों की घाटी में पर्यटकों की बढ़ती आमद न केवल इसकी अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता को दर्शाती है, बल्कि स्थानीय पर्यटन कारोबार के लिए भी महत्वपूर्ण है। घाटी के बंद होने के साथ ही अब अगले पर्यटन सीजन का इंतजार शुरू हो गया है।

 

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