पीपीपी मॉडल से संवरेंगी चमोली की पर्यटन परिसंपत्तियां

पीपीपी मॉडल से संवरेंगी चमोली की पर्यटन परिसंपत्तियां

दिनांक : 2026-08-01 19:19:00

-स्थानीय युवाओं को मिलेगी प्राथमिकता

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले की पर्यटन परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग और स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन सार्वजनिक-निजी सहभागिता (पीपीपी) मॉडल अपनाने जा रहा है।

जिला पर्यटन विकास समिति (डीटीडीसी) की बैठक में जिलाधिकारी गौरव कुमार ने कहा कि चमोली धार्मिक, साहसिक और प्राकृतिक पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण जिला है। इसलिए पर्यटन अवसंरचना के विकास, आधुनिक सुविधाओं के विस्तार और विभिन्न विभागों के बेहतर समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

जिला पर्यटन विकास अधिकारी अरविंद गौड़ ने बताया कि जनपद में 25 पर्यटक आवास गृह हैं। इनमें 20 का संचालन जीएमवीएन, दो का निजी निवेशकों की ओर से किया जा रहा है, जबकि एक निर्माणाधीन है। इसके अलावा छह पार्किंग, सात रैन बसेरे और पांच पर्यटक सूचना केंद्र समेत अन्य पर्यटन परिसंपत्तियों का संचालन भी किया जा रहा है।

बैठक में पुलना और गोविंदघाट पार्किंग, देवलीबगड़ पर्यटक आवास गृह एवं राफ्टिंग कैंप, ज्योतिर्मठ किड्स प्ले जोन, मंडल रिक्रिएशन सेंटर और तपोवन पर्यटक आवास गृह जैसी परिसंपत्तियों के बेहतर संचालन पर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि इन परिसंपत्तियों के प्रभावी संचालन से पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, वित्त विभाग के अधिकारी, होटल एसोसिएशन के प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित अधिकारी मौजद रहे।

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