आगामी उत्तराखण्ड विधानसभा चुनाव के लिए सक्रिय हुए हरीश रावत

आगामी उत्तराखण्ड विधानसभा चुनाव के लिए सक्रिय हुए हरीश रावत

दिनांक : 2026-09-22 00:59:00

देहरादून : पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत लंबे समय बाद दिल्ली से उत्तराखण्ड लौटे। प्रदेश में वापसी के दौरान उन्होंने मुजफ्फरनगर स्थित शहीद स्मारक पर राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद हरिद्वार पहुंचे और शिवमूर्ति घाट पर मां गंगा का दुग्धाभिषेक किया। हरिद्वार से उनका काफिला देहरादून पहुंचा, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।

देहरादून पहुंचने के बाद हरीश रावत कचहरी परिसर स्थित शहीद स्मारक पहुंचे और राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधा।

 

बोले- हिम्मत है तो जांच आयोग बैठाइए

हरिद्वार में हरीश रावत ने भाजपा सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि उनके कार्यकाल को लेकर यदि कोई आरोप हैं तो सरकार जांच आयोग गठित करे। उन्होंने कहा कि आयोग में ईडी, सीबीआई समेत सभी जांच एजेंसियों को शामिल कर दिया जाए। उनके कार्यकाल के दौरान लिए गए फैसलों और किए गए कार्यों की भी जांच करा ली जाए।

रावत ने कहा कि चुनाव से पहले उनके घर पर सीबीआई के आने की चर्चा रहती थी। इस बार सीबीआई तो नहीं आई, लेकिन उनके निजी सचिव के घर ईडी पहुंच गई। उन्होंने कहा कि ईडी और सीबीआई की कार्रवाई के बजाय सरकार को एक व्यापक जांच आयोग बनाना चाहिए।

 

पार्टी के फैसले के अनुसार काम करने की बात कही

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह पार्टी के आदेश के अनुसार काम करने वाले व्यक्ति हैं। उन्होंने बताया कि वह जल्द ही कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात करेंगे और उनसे चर्चा के बाद पार्टी के लिए आगे की जिम्मेदारी निभाएंगे।

देहरादून में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए रावत ने अपने इस्तीफे के मुद्दे पर भी बात रखी। उन्होंने कहा कि भाजपा की ओर से ईडी की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस पर कोई दबाव न आए, इसलिए उन्होंने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि इसके बाद वह एक सामान्य कांग्रेस कार्यकर्ता के तौर पर पार्टी के साथ खड़े रहेंगे।

 

बोले- 2027 में गलती हुई तो मुश्किल होगी

हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड जिस उद्देश्य और सपने के साथ बनाया गया था, वह आज बिखरता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 में यदि प्रदेश की जनता से फिर कोई गलती हुई तो उत्तराखण्ड को विफल राज्य बनने की दिशा में जाने से रोकना मुश्किल हो सकता है।

उन्होंने कहा कि वह वंचित लोगों की आवाज उठाते रहेंगे। राजनीतिक या सामाजिक किसी भी क्षेत्र में जो लोग वंचित हैं, उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ना जारी रखेंगे।

 

नौकरी बेचने के आरोप पर भी पलटवार

रावत ने भाजपा पर कांग्रेस को लेकर आक्रामक राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसा माहौल बनाया जा रहा है, जैसे कांग्रेस सरकार के समय नौकरियां बेची गई हों। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में रोजगार देने का प्रयास किया गया और नौकरियां बेचने का काम नहीं हुआ।

पूर्व मुख्यमंत्री ने एक बार फिर अपनी चुनौती दोहराते हुए कहा कि उनके तीन साल के कार्यकाल की जांच के लिए आयोग गठित किया जाए और उसमें सभी जांच एजेंसियों को शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में उनके कार्यकाल के दौरान कोई गलत काम सामने आता है तो कानून के मुताबिक जो भी सजा होगी, वह उसे स्वीकार करने के लिए तैयार हैं।

Admin