बदरीनाथ धाम थाली भेंट अनियमितता: SIT ने तत्कालीन मंदिर अधिकारी राजेन्द्र चौहान को किया गिरफतार, CCTV में कैद है पूरी घटना
दिनांक : 2026-07-18 03:27:00
गोपेश्वर। श्री बद्रीनाथ धाम में थाली भेंट की धनराशि एवं दान सामग्री में कथित वित्तीय अनियमितता के मामले में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए सह-अभियुक्त राजेन्द्र चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का दावा है कि सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर उसकी संलिप्तता सामने आई है।
पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच के निर्देश दिए गए हैं। एसआईटी लगातार उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक, दस्तावेजी और मौखिक साक्ष्यों के आधार पर विवेचना कर रही है।
इस मामले में शिकायत मिलने पर कोतवाली श्री बद्रीनाथ में मुकदमा संख्या 06/2026 दर्ज किया गया था। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने 12 जुलाई 2026 को नामजद आरोपी प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार किया था, जो वर्तमान में न्यायिक अभिरक्षा में है।
जांच के दौरान एसआईटी ने थाली भेंट गणना कक्ष की विभिन्न तिथियों की सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। पुलिस के अनुसार, बीकेटीसी के स्थायी कर्मचारी एवं तत्कालीन मंदिर अधिकारी और थाली भेंट गणना प्रभारी राजेन्द्र चौहान ने प्रमोद नौटियाल के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र के तहत थाली भेंट की गणना के दौरान प्राप्त धनराशि और अन्य दान सामग्री का कुछ हिस्सा कथित रूप से अपने कब्जे में लिया।
पुलिस का कहना है कि 22, 25 और 29 जून 2026 की सीसीटीवी फुटेज में राजेन्द्र चौहान को कई बार ₹500 के नोटों की गड्डियां, दान सामग्री और आभूषण अपनी जेब में रखते हुए देखा गया। इन साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61(2)(क) भी जोड़ी गई और राजेन्द्र चौहान को सह-अभियुक्त बनाया गया।
एसआईटी ने 17 जुलाई को ज्योतिर्मठ से राजेन्द्र चौहान को गिरफ्तार कर श्री बद्रीनाथ थाना लाया। फिलहाल उससे पूछताछ जारी है। पुलिस के अनुसार मामले की विवेचना भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 306, 316(5), 317(2) और 61(2)(क) के तहत जारी है। आरोपी को नियमानुसार न्यायालय में पेश किया जाएगा।
चमोली पुलिस का कहना है कि मामले के प्रत्येक पहलू की साक्ष्य आधारित जांच की जा रही है और जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
