NEET री-एग्जाम से पहले बड़ा फैसला : भारत में टेलीग्राम पर अस्थायी रोक, मैसेज एडिट फीचर भी होगा बंद

NEET री-एग्जाम से पहले बड़ा फैसला : भारत में टेलीग्राम पर अस्थायी रोक, मैसेज एडिट फीचर भी होगा बंद

दिनांक : 2026-06-17 00:29:00

नई दिल्ली। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) 2026 की पुनर्परीक्षा से पहले केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के तहत यह आदेश जारी किया है। यह प्रतिबंध 22 जून 2026 तक प्रभावी रहेगा।

एनटीए के मुताबिक 21 जून को आयोजित होने वाली NEET-UG पुनर्परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। इसके अलावा सरकार ने टेलीग्राम को भारत में अपने मैसेज एडिट फीचर को भी 30 जून तक निष्क्रिय रखने के निर्देश दिए हैं। इसका अर्थ है कि पहले से भेजे गए संदेशों में किसी प्रकार का संशोधन या नई फाइल जोड़ने की सुविधा निर्धारित अवधि तक उपलब्ध नहीं होगी।

फर्जी पेपर लीक दावों पर रोक लगाने की कोशिश

एनटीए का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में टेलीग्राम पर कई ऐसे चैनल, ग्रुप और बॉट सक्रिय पाए गए, जो NEET परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के झूठे दावे कर रहे थे। कुछ लोग परीक्षा के बाद प्रश्नपत्रों को पुराने संदेशों में जोड़कर यह दिखाने की कोशिश करते थे कि पेपर पहले ही लीक हो चुका था।

एजेंसी के अनुसार टेलीग्राम का एडिट फीचर इस प्रकार की गतिविधियों को आसान बना रहा था। इसी वजह से सरकार ने परीक्षा समाप्त होने के बाद भी कुछ समय तक इस सुविधा को बंद रखने का निर्णय लिया है।

कई फर्जी चैनलों पर कार्रवाई

इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने हाल के दिनों में टेलीग्राम पर संचालित कई संदिग्ध चैनलों और समूहों को हटवाया है। इनमें “Paper Leaked NEET”, “Re-NEET 2026” और “NEET Mafia” जैसे नामों से चल रहे चैनल शामिल थे।

एनटीए के अनुसार ये चैनल अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों को गुमराह कर रहे थे और कथित प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के नाम पर लाखों रुपये की मांग कर रहे थे। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि ऐसे सभी दावे पूरी तरह फर्जी पाए गए हैं।

साइबर ठगी गिरोह का भी खुलासा

गुजरात की अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने हाल ही में ऐसे एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो टेलीग्राम के माध्यम से छात्रों को पेपर उपलब्ध कराने का झांसा देकर ठगी कर रहा था।

जांच में सामने आया कि गिरोह ने फर्जी बैंक खातों के जरिए लगभग 1.5 करोड़ रुपये का लेनदेन किया। पुलिस के अनुसार एक महीने के भीतर करीब एक हजार छात्रों और अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें परीक्षा में सफलता दिलाने और प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के नाम पर ठगा गया।

इस मामले में राजस्थान और बिहार से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसियां गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही हैं।

बिहार और अन्य राज्यों ने भी जारी की चेतावनी

परीक्षा से पहले विभिन्न राज्यों की पुलिस एजेंसियों ने भी अभ्यर्थियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई ने 9 जून को सार्वजनिक चेतावनी जारी कर कहा था कि सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर पेपर लीक के नाम पर फैलाए जा रहे दुष्प्रचार से सावधान रहें।

पुलिस का कहना है कि अधिकांश मामलों में छात्रों को ठगी का शिकार बनाया जाता है और कोई वास्तविक प्रश्नपत्र उपलब्ध नहीं कराया जाता।

लाखों उपयोगकर्ता होंगे प्रभावित

एनटीए ने स्वीकार किया है कि टेलीग्राम पर अस्थायी रोक से देशभर में लाखों उपयोगकर्ता प्रभावित होंगे। बड़ी संख्या में छात्र, नौकरी की तैयारी करने वाले अभ्यर्थी, शिक्षण संस्थान, कारोबारी और आम नागरिक संचार एवं अध्ययन सामग्री साझा करने के लिए इस प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हैं।

एजेंसी ने असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और निष्पक्षता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

री-एग्जाम के लिए बदले नियम

इस बीच एनटीए ने NEET-UG पुनर्परीक्षा के लिए कुछ महत्वपूर्ण बदलाव भी किए हैं। नई गाइडलाइंस के अनुसार परीक्षा अवधि 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट कर दी गई है। साथ ही अभ्यर्थियों को रफ वर्क के लिए अतिरिक्त शीट उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे प्रश्न हल करने में सुविधा मिल सके।

पेपर लीक विवाद के बाद रद्द हुई थी परीक्षा

गौरतलब है कि NEET-UG 2026 की मूल परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद कई राज्यों से प्रश्नपत्र लीक होने और कुछ अभ्यर्थियों को पहले से पेपर उपलब्ध कराए जाने के आरोप सामने आए थे।

जांच एजेंसियों द्वारा प्रारंभिक जांच में अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इसके बाद केंद्र सरकार, एनटीए और संबंधित एजेंसियों की समीक्षा के आधार पर 21 जून को पुनर्परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

मेडिकल प्रवेश की सबसे बड़ी परीक्षा

NEET-UG देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा है। इसके माध्यम से एमबीबीएस, बीडीएस, आयुष, नर्सिंग और अन्य चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाता है। देशभर के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों, साथ ही AIIMS और JIPMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में दाखिले के लिए इसी परीक्षा का स्कोर मान्य होता है।

हर वर्ष लाखों छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं और चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देखते हैं। ऐसे में परीक्षा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार और परीक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

अभ्यर्थियों के लिए सलाह

एनटीए ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने, परीक्षा में सहायता दिलाने या किसी अन्य प्रकार का लालच देकर संपर्क करता है तो उसकी सूचना तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर दें।

एजेंसी ने दोहराया है कि परीक्षा से जुड़ी किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी को ही सही मानें।

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