प्रधानमंत्री मोदी से मिले सीएम धामी, उत्तराखंड आने का दिया निमंत्रण

प्रधानमंत्री मोदी से मिले सीएम धामी, उत्तराखंड आने का दिया निमंत्रण

दिनांक : 2026-03-27 22:38:00

नई दिल्ली/देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास में केंद्र सरकार से मिल रहे सहयोग और मार्गदर्शन के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया और उन्हें उत्तराखंड आने का औपचारिक निमंत्रण दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री को टिहरी स्थित मां सुरकंडा देवी की प्रतिकृति, बद्री गाय का घी, विभिन्न जिलों से मंगाई गई पांच प्रकार की राजमा और शहद भेंट किए।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने हरिद्वार कुंभ-2027 के लिए 500 करोड़ रुपये की सहायता, नदी जोड़ो परियोजना के तहत फिजिबिलिटी स्टडी, राजाजी नेशनल पार्क स्थित चौरासी कुटिया के विकास, पिथौरागढ़ के नैनी-सैनी हवाई पट्टी के एमओयू तथा चारधाम यात्रा के लिए सुरक्षित हेली सेवाओं में सहयोग के लिए प्रधानमंत्री का विशेष आभार जताया। साथ ही ऋषिकेश में विद्युत लाइनों के भूमिगतकरण, चम्पावत बाईपास, देहरादून रिंग रोड और देहरादून-मसूरी रोड जैसी परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए भी धन्यवाद दिया।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को राज्य में चल रही प्रमुख पहलों की जानकारी देते हुए बताया कि उत्तराखंड को वैश्विक वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। चौपता, दुग्गलबिट्ठा, पटवाडांगर और शारदा कॉरिडोर क्षेत्र में इस दिशा में कार्य जारी है, जबकि रामनगर, देहरादून, ऋषिकेश और त्रियुगीनारायण पहले से लोकप्रिय वेडिंग डेस्टिनेशन बन चुके हैं।

उन्होंने बताया कि राज्य में बेल केदार, अंजनीसैंण-टिहरी और लोहाघाट-श्यामलाताल क्षेत्रों को आध्यात्मिक आर्थिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। शीतकालीन यात्रा शुरू होने से श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हुई है। आदि कैलास यात्रा में 2022 के मुकाबले 2025 में श्रद्धालुओं की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

रेपिड रेल और रक्षा उद्योग का प्रस्ताव

मुख्यमंत्री ने दिल्ली-मेरठ के बीच संचालित Regional Rapid Transit System को मेरठ से हरिद्वार और ऋषिकेश तक विस्तारित करने का अनुरोध किया। साथ ही राज्य में रक्षा उपकरण निर्माण इकाइयों की स्थापना के लिए नीति समर्थन और प्राथमिकता देने की मांग की। उन्होंने कोटद्वार, हरिद्वार और देहरादून में डिफेंस प्रोडक्शन इंडस्ट्रियल हब स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा।

एक्सप्रेस-वे और रेल परियोजनाओं पर जोर

मुख्यमंत्री ने दिल्ली-हल्द्वानी एक्सप्रेस-वे के निर्माण का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि इससे काशीपुर, रुद्रपुर, पंतनगर एयरपोर्ट और जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क तक आवागमन सुगम होगा।

इसके अलावा ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के विभिन्न चरणों के शीघ्र क्रियान्वयन, टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन, बागेश्वर-कर्णप्रयाग नई रेल लाइन के सर्वे और हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन के डबलिंग की मांग भी रखी गई। उत्तरकाशी को रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए ऋषिकेश-उत्तरकाशी रेल लाइन का प्रस्ताव भी दिया गया।

पर्यटन और रोजगार पर फोकस

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 6000 से अधिक होम-स्टे पंजीकृत हो चुके हैं और “Uttarastays” पोर्टल के माध्यम से स्थानीय लोगों को लाभ मिल रहा है। “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड के जरिए स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाया जा रहा है।

उन्होंने “मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना”, “मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना” और “देवभूमि परिवार योजना” जैसी पहलों को राज्य की अर्थव्यवस्था और पारदर्शिता के लिए महत्वपूर्ण बताया। साथ ही अग्निवीरों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने और 500 से अधिक अप्रासंगिक कानून समाप्त करने जैसे निर्णयों की जानकारी भी दी।

प्रधानमंत्री को परियोजनाओं के लोकार्पण का न्योता

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को उत्तराखंड दौरे पर आमंत्रित करते हुए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे और टिहरी पम्प्ड स्टोरेज प्लांट के लोकार्पण तथा पंतनगर एयरपोर्ट विस्तार और बनबसा लैंड पोर्ट परियोजना के शिलान्यास का प्रस्ताव भी रखा।

उन्होंने कहा कि बनबसा लैंड पोर्ट भारत-नेपाल सीमा पर व्यापार और आवागमन को नई गति देगा तथा एशियन हाईवे से जुड़कर अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा।

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