कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद की पुण्यतिथि पर आयोजित की गोष्ठी
दिनांक : 2025-02-28 16:59:00
कोटद्वार । भारत के प्रथम राष्ट्रपति, संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ राजेन्द्र प्रसाद की पुण्यतिथि पर कांग्रेसियों ने जिला कांग्रेस कार्यालय कोटद्वार में उन्हें स्मरण करते हुए श्रृद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर आयोजित गोष्ठी में वक्ताओं ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ राजेंद्र प्रसाद बचपन से ही कुशाग्र थे । उन्होंने 18 बर्ष की आयु, वर्ष 1902 में कलकत्ता विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया और बिधि परास्नातक में गोल्ड मेडल प्राप्त किया। बाद में चलती वकालत के बीच गांधी जी के असहयोग आंदोलन में कूद पड़े और स्वतंत्रता संग्राम में सम्मिलित हो गए, वर्ष 1934 में कांग्रेस अध्यक्ष बने और फिर 1939 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के कांग्रेस अध्यक्ष पद से त्यागपत्र के बाद पुनः कांग्रेस अध्यक्ष बने, आजादी के बाद अंतरिम सरकार में मंत्री बने साथ ही संविधान सभा के अध्यक्ष भी बनाए गए, भारत के गणतंत्र बनने के बाद भारत के प्रथम राष्ट्रपति बनाए गए।
सादा जीवन उच्च विचार की जीवन शैली की प्रतिमूर्ति बने डॉ राजेंद्र प्रसाद ने अनेकानेक पत्र – पत्रिकाएं, पुस्तके लिखी, और उनका राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पं. जवाहर लाल नेहरू, डॉ भीम राव अम्बेडकर, सरदार बल्लभ भाई पटेल आदि शीर्षस्थ नेताओं और स्वतंत्रता संग्राम के अग्रजों से समकालीन अदभुत सामंजस्य था। उनकी जीवन शैली और विचारधारा आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्पद है। इस अवसर पर बलबीर सिंह रावत, गोपाल सिंह गुसाईं, मनबर सिंह रावत, महाबीर सिंह नेगी, मनोज रावत, भीमेंद्र सिंह पंवार, राजा आर्य, धीरेंद्र सिंह नेगी, कृपाल सिंह नेगी, अंकुर केष्टवाल, विजय नेगी, जावेद हुसैन, गबर सिंह रावत, धर्मेंद्र सिंह आदि सम्मिलित थे।

