डीएम स्वाति एस. भदौरिया का सख्त रुख, किशोरी संप्रेक्षण गृह से कण्वाश्रम तक व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश
दिनांक : 2026-10-20 12:59:00
- ओपन शेल्टर जल्द होगा शुरू, किशोरियों के लिए एक नवंबर से स्कूल वैन; कण्वाश्रम में प्रवेश द्वार, नेचर ट्रेल और पर्यटक सुविधाओं के प्रस्ताव बनेंगे
कोटद्वार। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कोटद्वार में व्यवस्थाओं की पड़ताल करते हुए अधिकारियों को काम में तेजी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सिम्बलचौड़ स्थित किशोरी संप्रेक्षण गृह में शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास की सुविधाएं बेहतर बनाने, नवनिर्मित ओपन शेल्टर को जल्द शुरू करने तथा देवी रोड और मालन पुल क्षेत्र में सड़क मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता पर नजर रखने को कहा। वहीं, पौराणिक कण्वाश्रम को बेहतर सुविधाओं से जोड़ने के लिए ऐतिहासिक सूचना पट्ट, प्रवेश द्वार, लाइटिंग और नेचर ट्रेल विकसित करने के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
किशोरियों के लिए स्कूल वैन, खेल और एक्सपोजर विजिट
किशोरी संप्रेक्षण गृह में जिलाधिकारी ने किशोरियों से संवाद कर उनकी जरूरतों और समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने आलंबन परियोजना के तहत चल रहे 10 दिवसीय ऐपन एवं भीमल आर्ट प्रशिक्षण का निरीक्षण किया और भीमल के रेशे से तैयार कलाकृतियों को देखकर किशोरियों का उत्साह बढ़ाया।
उन्होंने आगामी एक नवंबर से स्कूल वैन की व्यवस्था सुनिश्चित करने, पौड़ी स्थित विज्ञान संग्रहालय और उपजिलाधिकारी कार्यालय का एक्सपोजर विजिट कराने तथा टेबल टेनिस की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। किशोरियों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए महीने में कम से कम दो बार मेडिकल टीम भेजने को कहा। साथ ही रसोई के डाइट चार्ट, टाइम टेबल, एक्टिविटी रूम, रिहैबिलिटेशन रूम, कंसल्टिंग रूम, सेफ्टी रूम, ड्रेसिंग रूम और शौचालयों की व्यवस्थाएं भी देखीं। बिजली आपूर्ति बाधित होने पर वैकल्पिक व्यवस्था रखने के निर्देश दिए।
ओपन शेल्टर का काम जल्द पूरा करने की हिदायत
नवनिर्मित डे केयर सेंटर (ओपन शेल्टर) के निरीक्षण में जिलाधिकारी ने फिनिशिंग का शेष कार्य शीघ्र पूरा कर सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने केंद्र को जल्द उपयोग में लाने के निर्देश दिए, ताकि इसका लाभ जरूरतमंदों तक पहुंच सके।
पैचवर्क में गुणवत्ता से समझौता नहीं
देवी रोड पर मालन पुल से डिग्री कॉलेज–मवाकोट मार्ग तक चल रहे पैचवर्क कार्यों का जायजा लेते हुए जिलाधिकारी ने मरम्मत कार्य गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने दोष सुधार अवधि में चल रही पहले से निर्मित सड़कों की भी नियमित निगरानी करने को कहा, ताकि सड़क में खामी मिलने पर समय रहते सुधार कराया जा सके।
कण्वाश्रम में इतिहास और पर्यटन सुविधाओं पर फोकस
पौराणिक कण्वाश्रम के निरीक्षण में जिलाधिकारी ने मंदिर के प्रवेश द्वार पर ऐतिहासिक महत्व की जानकारी देने वाला एलईडी सूचना पट्ट लगाने के निर्देश दिए। मंदिर मार्ग के विकास, आश्रम के प्रवेश पर बड़े आकार का वुडेन लुक वाला गेट, लाइटिंग और नेचर ट्रेल विकसित करने के लिए आगणन तैयार करने को कहा। वन विभाग की नर्सरी का निरीक्षण करते हुए उन्होंने नक्षत्र वाटिका, पर्यावरण उद्यान और कैफे के निर्माण संबंधी प्रस्ताव भी तैयार करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने वैदिक आश्रम गुरुकुल महाविद्यालय को लीज पर दी गई वन भूमि के संबंध में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने को कहा। संस्कृत की शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों से संवाद कर पढ़ाई की गुणवत्ता की जानकारी ली और आश्रम के भोजनालय का निरीक्षण किया। भोजनालय में 50 छात्र पंजीकृत हैं। उन्होंने साफ-सफाई बनाए रखने तथा खाद्य अभिहित अधिकारी को भोजनालय का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी कोटद्वार संदीप कुमार, तहसीलदार राजेंद्र सनवाल, जिला परिवीक्षा अधिकारी अरविंद कुमार, लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता कपिल कुमार, वन विभाग के एसडीओ सुधीर कुमार, वन दरोगा वीसी जोशी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
