धरती से हरे-भरे पेड़ों को काटकर लॉन बनाना विकास नहीं विनाश – प्रो. अहलूवालिया

दिनांक : 2025-04-06 01:24:00
ऋषिकेश : पंडित ललित मोहन शर्मा श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय परिसर ऋषिकेश तथा उत्तराखंड राज्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद (यूकास्ट) के तत्वाधान में बीएमएलटी विभाग में जल संरक्षण पर एक सेमिनार आयोजित हुआ। जिसमे डॉ. अरुण दीप अहलूवालिया, पूर्व प्रमुख भू विज्ञान विभाग, पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ ने व्याख्यान दिया। इस अवसर पर विज्ञान संकाय अध्यक्ष प्रोफेसर गुलशन कुमार ढींगरा ने डॉ अरुणदीप अहलूवालिया का स्वागत किया तथा भू विज्ञान के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए कार्यों तथा जन जागरूकता अभियान के तहत उनकी उपलब्धियां के बारे में बताया ।
अपने व्याख्यान में डॉ. अरुणदीप अहलूवालिया ने जल संरक्षण के अंतर्गत पर्यावरण को बचाने की अपील के साथ-साथ जल संरक्षण के मूल बिंदुओं पर चर्चा की तथा जल संरक्षण की दिशा में भी व्यापक जागरूकता लाने की आवश्यकता है, क्योंकि जल के बिना जीवन का कोई अर्थ ही नहीं है । उन्होंने आपदा प्रबंधन, देश की गिरती वायु की गुणवत्ता सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की जिसमें फेफड़े की बीमारियों के बारे में बताया । उन्होंने कहा की बच्चे तथा युवाजन जागरूकता के द्वारा हम जल संरक्षण तथा पर्यावरण को बचाने तथा सवारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा सकते हैं, साथ ही उन्होंने बढ़ते प्रदूषण के परिणाम स्वरूप आधुनिकरण के नाम पर पर्यावरण के नैसर्गिक सुंदरता को नष्ट होने पर भी प्रकाश डाला, उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े पेड़ों को काटकर हरे भरे लॉन बनाने को विकास नहीं कहते विनाश कहते हैं । उन्होंने बताया कि हमें पर्यावरण को लेकर सतर्कता तथा उसकी रक्षा के लिए स्वयं आगे आना होगा और इस धरती को सुरक्षित बनाना होगा ।
इस अवसर पर श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एनके जोशी के संदेश में कहा गया कि इस प्रकार के कार्यक्रमों द्वारा छात्र-छात्राओं में पर्यावरण को सुरक्षित तथा संरक्षित रखने के प्रयास में आगे बढ़ाने की ओर प्रेरित करने के लिए अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की ।
यूकास्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने कहा कि यूकास्ट जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण के प्रति अत्यंत संजीदा है जिसके लिए पूरे प्रदेश में विभिन्न जन-जागरूकता कार्यक्रमों को आयोजित कराता रहा है, इसी क्रम में उन्होंने प्रो अहलूवालिया का धन्यवाद दिया कि उनके द्वारा यह मुहिम चलाई जा रही है।
परिसर निदेशक प्रो. महावीर सिंह रावत ने इस अवसर पर प्रो अहलूवालिया का परिसर में स्वागत किया । इसके बाद प्रो. गुलशन कुमार ढींगरा द्वारा प्रो. अरुणदीप अहलूवालिया को शॉल तथा गंगाजली भेंट स्वरूप दी । कार्यक्रम के अंत में हर्षिका सहगल तथा मनोज पंत, रिसर्च स्कॉलर्स ने पर्यावरण संरक्षण के लिए अपने विचार रखें ।
कार्यक्रम में परिसर के गणित विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. अनीता तोमर, वनस्पति विभाग के प्रो. वीडी पांडे, डॉ. शालिनी रावत, डॉ. एसके कुड़ियाल, हिंदी विभाग के प्रो. अधीर कुमार, माइक्रोबायोलॉजी विभाग के डॉ. बिंदु देवी, एमएलटी विभाग की शालिनी कोटियाल, अर्जुन पालीवाल निशांत भाटला उपस्थित रहे । इस सेमिनार में रिसर्च स्कॉलर तथा परिसर के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया । अंत में वनस्पति विज्ञान विभाग से डॉ. प्रीति खंडूरी ने अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया । कार्यक्रम का संचालन एमएलटी विभाग की प्रवक्ता सफिया हसन ने किया ।