उत्तराखंड के स्वाद को वैश्विक पहचान देने की पहल, देहरादून में शुरू हुआ “हिमालयन समूण कैफे”

उत्तराखंड के स्वाद को वैश्विक पहचान देने की पहल, देहरादून में शुरू हुआ “हिमालयन समूण कैफे”

दिनांक : 2026-06-24 18:51:00

देहरादून : उत्तराखंड के पारंपरिक खाद्य उत्पादों, स्थानीय किसानों और पहाड़ी संस्कृति को नई पहचान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए “हिमालयन समूण कैफे – हिमालय का उपहार” का भव्य शुभारंभ रायपुर विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’ द्वारा किया गया।

यह कैफे केवल एक व्यावसायिक प्रतिष्ठान नहीं, बल्कि “वोकल फॉर लोकल” और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की भावना को समर्पित एक पहल है, जिसका उद्देश्य उत्तराखंड के मंडुवा, झंगोरा, गहत, भट्ट, जखिया तथा अन्य स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाना और किसानों को मजबूत बाजार उपलब्ध कराना है।

इस पहल की संस्थापक निधि सेमवाल हैं, जिन्होंने अमेरिका और स्विट्जरलैंड में सफल कॉर्पोरेट करियर के बाद अपनी जन्मभूमि लौटकर स्थानीय उत्पादों, किसानों और पहाड़ी संस्कृति को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। उनके साथ इस पहल में सचिदानंद सेमवाल भी सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।

मुख्य अतिथि विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’ ने कहा कि ऐसे प्रयास स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं को अपने राज्य के विकास से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने इसे आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल बताया।

उत्तराखंड सूचना विभाग के संयुक्त निदेशक के.एस. चौहान ने कहा कि उत्तराखंड की असली शक्ति उसके किसान, उसकी संस्कृति और उसके स्थानीय उत्पाद हैं। हिमालयन समूण कैफे जैसी पहलें इन उत्पादों को नई पहचान देने के साथ-साथ राज्य की सकारात्मक ब्रांडिंग का माध्यम बनेंगी।

पद्मश्री लोकगायक प्रीतम भरतवाण ने कहा कि “अपणी माटी, अपणी भाषा, अपणो खान-पान और अपणी संस्कृति ही हमारी सबसे बड़ी पहचान है। ऐसे प्रयास नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करेंगे।”

इस अवसर पर निधि सेमवाल एवं सचिदानंद सेमवाल ने कहा कि यदि युवा अवसरों की तलाश में पहाड़ छोड़ सकते हैं, तो कुछ लोगों को अवसर लेकर पहाड़ वापस भी आना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों, किसानों और संस्कृति को सशक्त बनाकर ही उत्तराखंड के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त किया जा सकता है।

हिमालयन समूण कैफे भविष्य में स्थानीय किसानों से सीधे खरीद, महिला स्वयं सहायता समूहों के सहयोग, पारंपरिक व्यंजनों के संरक्षण तथा उत्तराखंड के खाद्य उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में कार्य करेगा।

इस अवसर पर समाजसेवी एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से राकेश भट्ट, गजेन्द्र नौटियाल, अनिरुद्ध रैथवाण, नलिनी गुसाईं, संजय कुमोला, राय सिंह रावत, अमेरिका से पधारे योगेश रामोला एवं लक्ष्मी रामोला सहित अनेक सम्मानित अतिथियों ने कार्यक्रम में सहभागिता कर इस पहल की सराहना की तथा इसे उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों, किसानों और संस्कृति को नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

Admin