गदरपुर में हजारों किसानों का महासंगम, कृभको निदेशक शिल्पी अरोड़ा ने कहा – उत्पादन के साथ प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और बाजार से जुड़ना जरूरी
दिनांक : 2026-08-10 20:08:00
गदरपुर। किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें सहकारिता के माध्यम से मजबूत आर्थिक व्यवस्था से जोड़ने के उद्देश्य से कृषक भारती कोऑपरेटिव लिमिटेड (कृभको) की निदेशक शिल्पी अरोड़ा एवं कृभको टीम की ओर से सोमवार को गदरपुर स्थित शहनाई वाटिका में ‘सहकारिता एवं किसान महासम्मेलन-2026’ का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन में ऊधमसिंह नगर जनपद समेत आसपास के क्षेत्रों से हजारों किसान, महिला किसान, सहकारी समितियों के प्रतिनिधि, कृषि विशेषज्ञ, जनप्रतिनिधि और सहकारिता क्षेत्र से जुड़े पदाधिकारी शामिल हुए। सम्मेलन की खास बात महिला किसानों की करीब 50 प्रतिशत भागीदारी रही। वर्ष 2026 को ‘अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष’ के रूप में मनाए जाने के बीच महिला किसानों की बड़ी भागीदारी ने कृषि और सहकारिता में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया।
किसान और सहकारिता मिलकर तैयार कर सकते हैं मजबूत आर्थिक मॉडल
कृभको निदेशक शिल्पी अरोड़ा ने सम्मेलन में कहा कि कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका अब केवल खेतों तक सीमित नहीं रह गई है। महिलाएं उत्पादन के साथ-साथ प्रसंस्करण, विपणन और उद्यमिता के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि महिला किसानों को बाजार, आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और वित्तीय अवसरों से जोड़ना प्राथमिकता होनी चाहिए। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में लगातार नए प्रयोग हो रहे हैं। दुग्ध उत्पादन से जुड़ी सहकारी समितियों से लेकर गोबर आधारित सहकारी मॉडल और ‘भारत टैक्सी’ जैसी नई सहकारी पहलों तक सहकारिता का दायरा लगातार बढ़ रहा है। किसान और सहकारी समितियां मिलकर मजबूत आर्थिक मॉडल तैयार कर सकती हैं। किसान उत्पादन करे और सहकारी संस्थाएं उसकी उपज को बाजार, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और विपणन से जोड़ें तो किसानों की आय और आर्थिक स्थिति को मजबूती मिल सकती है।
मृदा परीक्षण से घटेगा अनावश्यक खर्च
शिल्पी अरोड़ा ने किसानों से मृदा परीक्षण को कृषि का जरूरी हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मिट्टी की सही जानकारी होने पर किसान जरूरत के अनुसार ही उर्वरकों का इस्तेमाल कर सकता है और अनावश्यक खर्च कम करते हुए कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकता है। उन्होंने जैविक खेती, प्रमाणित बीजों और भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग वाले स्थानीय उत्पादों के बेहतर विपणन के लिए भी सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया।
उन्होंने कोविड-19 महामारी का उदाहरण देते हुए कहा कि जब दुनिया के कई देश खाद्यान्न आपूर्ति को लेकर संघर्ष कर रहे थे, तब भारत के पास पर्याप्त खाद्यान्न भंडार उपलब्ध था। यह उपलब्धि किसानों की मेहनत, कृषि वैज्ञानिकों के योगदान और मजबूत कृषि एवं सहकारी व्यवस्था का परिणाम है। किसानों को मजबूत करना केवल कृषि क्षेत्र की आवश्यकता नहीं, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा का भी महत्वपूर्ण आधार है।
वीडियो संदेश से वन मंत्री ने दी सम्मेलन की बधाई
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के वन एवं वन्यजीव कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल व्यस्तता के कारण कार्यक्रम में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं हो सके। उन्होंने वीडियो संदेश के माध्यम से सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए कृभको टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से किसानों को नई तकनीक, बाजार और सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलती है। उन्होंने विश्वास जताया कि कृभको के प्रयासों से क्षेत्र के किसान आत्मनिर्भर होंगे और सहकारिता आंदोलन को और मजबूती मिलेगी।
सहकारिता से किसानों को बिचौलियों से मिलेगी मुक्ति
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलकराज बेहड़ ने किसानों के हित में कृभको द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने उत्तराखंड में कृभको उर्वरकों की उपलब्धता बढ़ाने और राज्य का कोटा बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
पूर्व खेल मंत्री एवं गदरपुर विधायक अरविंद पांडे ने कहा कि सहकारिता के माध्यम से किसान बिचौलियों से बचकर अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त कर सकता है। सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए सहकारी समितियों को लगातार मजबूत कर रही है।
जसपुर विधायक आदेश सिंह चौहान ने कहा कि आज का किसान नई तकनीक और आधुनिक कृषि पद्धतियों को तेजी से अपना रहा है। किसानों और सहकारिता के बीच बेहतर समन्वय समय की आवश्यकता है।
देश सेवा और कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मान
महासम्मेलन में देश सेवा और कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। हवलदार हीरा सिंह, द्वितीय विश्व युद्ध के सैनिक स्व. इकवाल सिंह की पत्नी मान कौर तथा बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में सक्रिय सहभागिता करने वाले सब मेजर खड़क सिंह कार्की को सम्मानित किया गया। इसके अलावा क्षेत्र में जैविक खेती को बढ़ावा देने वाले प्रगतिशील किसान सुरजीत डाबर और महिला एफपीओ की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सीमा ठुकराल को भी विशेष सम्मान दिया गया।
किसानों के लिए योजनाओं की दी जानकारी
कृभको के क्षेत्रीय प्रबंधक तेजेंद्र सिंह ने किसानों और सहकारिता क्षेत्र के लिए कृभको की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी साझा की। सम्मेलन में सहकारिता क्षेत्र से जुड़े विभिन्न वर्गों और संस्थाओं का एक मंच पर प्रतिनिधित्व रहा।
कार्यक्रम में पूर्व जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष सुभाष बेहड़, समीर पाठक सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारी, प्रगतिशील किसान और कृभको टीम के सदस्य मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में कृभको के क्षेत्रीय अधिकारी जाबर सिंह ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। समापन पर कृभको निदेशक शिल्पी अरोड़ा ने किसानों के साथ निरंतर जुड़कर नए अवसर तलाशने, जैविक खेती को बढ़ावा देने, किसानों के उत्पादों के विपणन में सहयोग करने और सहकारिता के माध्यम से किसानों को मजबूत बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि “किसान मजबूत होगा तो सहकारिता मजबूत होगी और सहकारिता मजबूत होगी तो गांव और देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।”
