स्टाम्प शुल्क चोरी के चार मामलों में एडीएम शैलेंद्र सिंह नेगी कोर्ट की बड़ी कार्रवाई, लाखों रुपये की शास्ति अधिरोपित
दिनांक : 2026-05-21 15:13:00
- स्टाम्प शुल्क के चार मामलों में एडीएम न्यायालय की बड़ी कार्रवाई, लाखों रुपये की शास्ति अधिरोपित
टिहरी : अपर जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल शैलेंद्र सिंह नेगी के न्यायालय में लंबित स्टाम्प वादों की त्वरित सुनवाई करते हुए स्टाम्प शुल्क अपवंचना के चार मामलों का निस्तारण किया गया। जांच में पाया गया कि संबंधित पक्षकारों ने संपत्तियों के वास्तविक स्वरूप एवं विवरण को छुपाकर शासन को राजस्व हानि पहुंचाई थी। न्यायालय ने सभी मामलों में कमी स्टाम्प शुल्क के अतिरिक्त अर्थदंड और विलेख निष्पादन की तिथि से निर्णय तिथि तक 1.5 प्रतिशत प्रतिमाह की दर से शास्ति अधिरोपित की है।
पहले मामले में राज्य बनाम विनोद रावत में कीर्तिनगर स्थित चार मंजिला होम स्टे भवन का वास्तविक क्षेत्रफल कम दर्शाकर स्टाम्प शुल्क की चोरी की गई। न्यायालय ने इस मामले में ₹10.65 लाख से अधिक की शास्ति अधिरोपित की।
दूसरे मामले में राज्य बनाम जितेन्द्र सिंह पंवार में तहसील नरेंद्रनगर स्थित संपत्ति को पंजीकरण के समय आवासीय दर्शाया गया, जबकि जांच में वह व्यवसायिक संपत्ति पाई गई। इस मामले में न्यायालय ने ₹34.94 लाख की शास्ति लगाई।
तीसरे प्रकरण में राज्य बनाम मंजुल अग्रवाल के मामले में तहसील टिहरी स्थित संपत्ति के विक्रय विलेख में सड़क से दूरी गलत दर्शाकर स्टाम्प शुल्क की अपवंचना की गई। इस पर ₹1.19 लाख की शास्ति अधिरोपित की गई।
चौथे मामले में राज्य बनाम नितिन अग्रवाल में तहसील टिहरी स्थित संपत्ति को खरीद के समय आवासीय बताया गया, जबकि जांच में संपत्ति व्यवसायिक श्रेणी की पाई गई। इस मामले में न्यायालय ने ₹25.28 लाख की शास्ति लगाई।
अपर जिलाधिकारी न्यायालय ने स्पष्ट किया कि स्टाम्प शुल्क चोरी और राजस्व अपवंचना के मामलों में सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। प्रशासन ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन कर शासन को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

