मृत्यु के बाद भी जीवन का उपहार है अंगदान – श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल

मृत्यु के बाद भी जीवन का उपहार है अंगदान – श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल

दिनांक : 2026-08-04 01:13:00

  • अंगदान दिवस पर श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में जागरूकता कार्यक्रम, किडनी दाताओं और प्रत्यारोपण लाभार्थियों का हुआ सम्मान
  • श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में दिया संदेश
  • अंगदान : मृत्यु के बाद भी जीवन का उपहार
  • अंगदान दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम
  • 100 से अधिक मरीजों व परिजनों ने लिया संकल्प

देहरादून। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग द्वारा सोमवार को अंगदान दिवस के अवसर पर अंगदान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा लोगों को इस महादान के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में 100 से अधिक मरीजों एवं उनके परिजनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इसके अलावा गुर्दा प्रत्यारोपण से जुड़े दाता एवं लाभार्थी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि अंगदान केवल किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि कई परिवारों के जीवन में नई उम्मीद और खुशियां लेकर आता है।

सोमवार को श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के नेफ्रोलाॅजी विभाग में कार्यक्रम का शुभारंभ स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (सोटो) के राज्य समन्वयक डॉ. अतुल सिंह तथा श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल मलिक ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. अतुल सिंह ने कहा कि अंगदान मानवता की सर्वोच्च सेवा है। एक व्यक्ति के अंगदान से कई गंभीर रूप से बीमार मरीजों को नया जीवन मिल सकता है। उन्होंने कहा कि मृत्यु के बाद भी इंसान अपने अंगों के माध्यम से अनेक परिवारों की खुशियां लौटा सकता है। समाज में फैली भ्रांतियों को दूर कर प्रत्येक नागरिक को अंगदान के लिए आगे आना चाहिए, क्योंकि जागरूकता बढ़ने से अधिक से अधिक लोगों की जान बचाई जा सकती है।

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के वरिष्ठ नेफ्रोलॉजिस्ट प्रो. डॉ. आलोक कुमार ने कहा कि देश में हजारों मरीज किडनी, लिवर, हृदय तथा अन्य अंगों के प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन अंगदाताओं की कमी के कारण अनेक मरीज समय पर उपचार नहीं प्राप्त कर पाते। उन्होंने कहा कि अंगदान किसी व्यक्ति के जीवन का अंत नहीं, बल्कि कई लोगों के जीवन की नई शुरुआत है। यदि प्रत्येक नागरिक अंगदान का संकल्प ले, तो हजारों परिवारों को नया जीवन और नई उम्मीद मिल सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल लगातार अंगदान के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान संचालित कर रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस पुनीत कार्य से जुड़ सकें।

कार्यक्रम के दौरान किडनी दाताओं एवं प्रत्यारोपण लाभार्थियों, सिस्टर दीक्षा, इंचार्ज किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट, कोओर्डिनेटर सुषमा कोठियाल को सम्मानित किया गया। विशेषज्ञों ने अंगदान से जुड़ी कानूनी प्रक्रियाओं, वैज्ञानिक तथ्यों और समाज में प्रचलित भ्रांतियों का भी विस्तार से निराकरण किया। कार्यक्रम में डॉ. विवेक रोहिला, डॉ. गौरव शेखर शर्मा, डॉ. विवेक विज्जन, डॉ. नुपूर तथा डॉ. डोरछम सहित चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी, मरीज एवं उनके परिजन उपस्थित रहे।

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