श्री हेमकुंड साहिब यात्रा की तैयारियां तेज, सेना और ट्रस्ट की संयुक्त टीम ने किया पैदल मार्ग का निरीक्षण
दिनांक : 2026-04-06 01:25:00
गोविंदघाट : विश्व प्रसिद्ध सिख तीर्थ स्थल श्री हेमकुंड साहिब की वार्षिक यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए भारतीय सेना और गुरुद्वारा ट्रस्ट ने कमर कस ली है। रविवार, 5 अप्रैल को भारतीय सेना के जवानों और गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के सेवादारों की एक संयुक्त टीम ने गोविंदघाट से धाम तक के पैदल मार्ग का विस्तृत निरीक्षण (रेकी) किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि धाम परिसर में अभी भी 5 से 6 फीट तक बर्फ जमी हुई है, जबकि मुख्य पड़ाव अटलाकोटी ग्लेशियर पॉइंट पर भी भारी मात्रा में हिमखंड मौजूद हैं।
राहत की बात यह है कि पिछले दस दिनों में हुई ताजा बर्फबारी नरम है, जिसके जल्द पिघलने की उम्मीद जताई जा रही है। मार्ग को श्रद्धालुओं के लिए खोलने हेतु भारतीय सेना की टुकड़ी 15 अप्रैल के बाद गोविंदघाट से रवाना होगी, जो दुर्गम रास्तों और ग्लेशियरों को काटकर रास्ता तैयार करेगी। ट्रस्ट के अधिकारियों के अनुसार, यदि आगामी दिनों में मौसम साफ रहता है और धूप खिलती है, तो बर्फ हटाने का कार्य तेजी से संपन्न हो सकेगा।
हिमालय की गोद में स्थित हेमकुंड साहिब अपनी अलौकिक सुंदरता और आध्यात्मिक शांति के लिए जाना जाता है। बर्फ से ढकी चोटियों और पवित्र सरोवर के बीच स्थित इस धाम की यात्रा इस वर्ष 23 मई 2026 से शुरू होने जा रही है। यात्रा का पहला जत्था 20 मई को ऋषिकेश से पूरे उत्साह के साथ रवाना किया जाएगा। गुरुद्वारा ट्रस्ट और सेना के अधिकारियों ने साझा बयान में कहा कि प्रशासन और प्रबंधन के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और उनकी यात्रा निर्विघ्न संपन्न हो सके।

