धर्मपुर के प्राचीन श्री शिव मंदिर में 02 अगस्त से गूंजेगी शिव महापुराण कथा, 11 हजार पार्थिव शिवलिंग होंगे भगवान शिव को समर्पित
दिनांक : 2026-07-26 18:18:00
- भव्य कलश यात्रा से होगा शुभारंभ, प्रतिदिन रुद्राभिषेक, प्रश्नोत्तरी और संगीतमय कथा का होगा आयोजन; पर्यावरण संरक्षण व आध्यात्मिक चेतना का दिया जाएगा संदेश
देहरादून : धर्मपुर स्थित सिद्धपीठ प्राचीन श्री शिव मंदिर में पावन श्रावण मास के अवसर पर 2 से 12 अगस्त तक दिव्य एवं भव्य संगीतमय श्री शिव महापुराण कथा ज्ञान महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। श्री शिव मंदिर प्रबंध समिति (रजि.) एवं क्षेत्र के सनातन धर्मप्रेमियों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में प्रतिदिन रुद्राभिषेक, 1100 पार्थिव शिवलिंग निर्माण, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता और कथा प्रवचन जैसे विविध कार्यक्रम होंगे।
भव्य कलश यात्रा के साथ होगा शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ 2 अगस्त (रविवार) को दोपहर 2 बजे भव्य कलश यात्रा के साथ होगा। कलश यात्रा श्री शिव मंदिर, धर्मपुर चौक से प्रारंभ होकर क्षेत्र के विभिन्न मार्गों से होते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुंचेगी। इसके बाद दोपहर 3 बजे से श्री शिव महापुराण कथा का शुभारंभ होगा।
प्रतिदिन तीन घंटे होगी संगीतमय शिव महापुराण कथा
श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन 2 अगस्त से 12 अगस्त तक प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से सायं 6 बजे तक किया जाएगा। कथा का मुख्य उद्देश्य प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण, राज्य उन्नयन, वैज्ञानिक सोच तथा आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करना है। श्रद्धालु सुप्रसिद्ध कथा व्यास पूज्य श्री सुभाष जोशी के श्रीमुख से शिव महापुराण का रसपान करेंगे।
10 दिनों में बनेंगे 11 हजार पार्थिव शिवलिंग
आयोजन के दौरान प्रतिदिन प्रातः यजमानों द्वारा रुद्राभिषेक एवं विशेष पूजन कराया जाएगा। साथ ही प्रतिदिन 1100 पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण किया जाएगा। दस दिनों में कुल 11 हजार पार्थिव शिवलिंग तैयार होंगे, जिनका कथा समापन के बाद विधि-विधान से भगवान शिव को समर्पित कर पवित्र गंगा में विसर्जन किया जाएगा।
प्रश्नोत्तरी में सही उत्तर देने वालों को मिलेगा पुरस्कार
मंदिर समिति की ओर से प्रतिदिन कथा प्रसंगों पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। सही उत्तर देने वाले श्रद्धालुओं को सम्मानित करते हुए आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
कलश यात्रा के लिए ड्रेस कोड, मंदिर में तैयारियां तेज
मंदिर समिति के प्रधान सीताराम भट्ट ने बताया कि इस वर्ष कलश यात्रा में शामिल होने वाली मातृशक्ति एवं समिति सदस्यों के लिए विशेष ड्रेस कोड निर्धारित किया गया है, जिससे आयोजन अधिक अनुशासित और भव्य स्वरूप में संपन्न हो सके। मंदिर परिसर में तैयारियां अंतिम चरण में हैं तथा स्थापित 26 से अधिक देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का विशेष स्नान, श्रृंगार एवं नवीन वस्त्र धारण कराने का कार्य श्रद्धालुओं के सहयोग से किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि सावन मास में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जलाभिषेक की विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि भक्तजन सुगमता से भगवान शिव का जलाभिषेक कर सकें। प्रतिदिन भगवान का विशेष श्रृंगार भी किया जाएगा।
श्रद्धालुओं के सहयोग पर समिति ने जताया आभार
मंदिर समिति ने भगवान के लिए वस्त्र एवं श्रृंगार अर्पित करने वाले श्रद्धालुओं – सीताराम कश्यप, सचिन नारंग, अशोक, दिनेश भंडारी, राधा ठाकुर, विवेक कपूर, मदन गोपाल, सुनील कौशिक, सीमा हुरला, शरद शर्मा, देवेंद्र अग्रवाल, सुशील मगो, कमल किशोर, लक्ष्मी देवी चौहान, भगवान दास यादव, श्याम किशोर, धीरज ओबेरॉय, अनीता शर्मा सहित सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
सितंबर में होगी श्रीमद्भागवत कथा
मंदिर समिति ने बताया कि श्री शिव महापुराण कथा के समापन के बाद 1 सितंबर से 9 सितंबर तक दिव्य एवं भव्य श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ का आयोजन भी प्रस्तावित है, जिसकी तैयारियां भी प्रारंभ कर दी गई हैं।

