औली में करोड़ों की स्नो मेकिंग मशीनें निष्क्रिय, उक्रांद ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
दिनांक : 2026-01-10 13:37:00
चमोली। उत्तराखण्ड क्रांति दल (उक्रांद) का एक शिष्टमंडल जिलाधिकारी चमोली से मिला और औली में स्थापित कृत्रिम बर्फ निर्माण प्रणाली के लंबे समय से निष्क्रिय पड़े होने का मामला उठाया। शिष्टमंडल ने बताया कि वर्ष 2011 में विकास खंड ज्योतिर्मठ के पर्यटन स्थल औली में राज्य सरकार द्वारा लगभग 6.50 करोड़ रुपये की लागत से दुनिया की सबसे ऊँची कृत्रिम झीलों में से एक झील, 20 स्थिर एवं 4 मोबाइल स्नो गन स्थापित की गई थीं, लेकिन वर्तमान में ये सभी मशीनें पूरी तरह से अनुपयोगी पड़ी हैं।
उक्रांद के केंद्रीय महामंत्री बृजमोहन सिंह सजवाण ने कहा कि औली के दक्षिणमुखी ढलान देश-विदेश के स्कीयरों की पहली पसंद रहे हैं। इसी कारण वर्ष 2010 में अंतरराष्ट्रीय स्की महासंघ (FIS) द्वारा औली के 1300 मीटर लंबे स्की ढलान को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप घोषित कर मान्यता प्रदान की गई थी। इस ढलान पर चेयरलिफ्ट सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे खिलाड़ी आसानी से स्कीइंग स्थल तक पहुंच सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्नो गन तकनीक के माध्यम से यहां आवश्यकता अनुसार कृत्रिम बर्फ बिछाई जा सकती थी, लेकिन दुर्भाग्यवश वर्ष 2011 में परीक्षण के बाद इन मशीनों का दोबारा प्रयोग नहीं किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि इन मशीनों की देखरेख की जिम्मेदारी गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) के पास है। निगम द्वारा पूर्व में मशीनों के रख-रखाव के नाम पर पर्यटन विभाग से धनराशि ली जाती रही, लेकिन मशीनों को अनुपयोगी हालत में छोड़ दिया गया, जो बड़े स्तर के भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।
जिला महामंत्री सुबोध बिष्ट ने कहा कि औली जैसे विश्वविख्यात पर्यटन स्थल से विकास खंड ज्योतिर्मठ के 50 से अधिक गांवों का रोजगार जुड़ा हुआ है, लेकिन GMVN अधिकारियों की लापरवाही के कारण आज स्थानीय लोगों की आजीविका पर संकट गहरा गया है और करोड़ों रुपये की मशीनें जर्जर हो रही हैं।
युवा महामंत्री धर्मेंद्र फर्स्वाण ने बताया कि स्थानीय व्यापारी और ग्रामीण कई बार GMVN अधिकारियों से स्नो मेकिंग मशीनों का उपयोग कर स्कीइंग स्लोप तैयार करने का अनुरोध कर चुके हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
उत्तराखण्ड क्रांति दल ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो स्थानीय जनता के साथ मिलकर GMVN औली कार्यालय में तालाबंदी, इसके बाद क्रमिक अनशन एवं भूख हड़ताल करने के लिए दल विवश होगा। इस संबंध में जिलाधिकारी चमोली ने मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस अवसर पर सचिन, पुष्पा, अंकित सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

