स्वतंत्रता की महत्ता को समझते हुए विकसित भारत के निर्माण में दें योगदान – IAS निधि यादव

स्वतंत्रता की महत्ता को समझते हुए विकसित भारत के निर्माण में दें योगदान – IAS निधि यादव

दिनांक : 2026-08-16 00:06:00

  • स्वतंत्रता दिवस पर निदेशक पंचायती राज निधि यादव ने किया ध्वजारोहण, ग्रामीण विकास में जनभागीदारी को बताया लोकतंत्र की ताकत
  • निदेशालय पंचायती राज में उत्साहपूर्वक मनाया गया स्वतंत्रता दिवस, अधिकारी-कर्मचारियों ने देश की एकता, अखंडता और विकास के प्रति लिया संकल्प
  • पंचायती राज एवं पीएमजीएसवाई के अधिकारियों-कर्मचारियों को दी स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं, कहा—‘विजन 2047’ महज नारा नहीं, देश को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य

देहरादून। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर निदेशालय पंचायती राज विभाग, उत्तराखंड में देशभक्ति और उत्साह का माहौल रहा। निदेशक पंचायती राज विभाग, उत्तराखंड आईएएस निधि यादव ने निदेशालय परिसर में ध्वजारोहण कर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। इस अवसर पर विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने राष्ट्रगान के साथ स्वतंत्रता दिवस समारोह में सहभागिता की। निदेशक ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों एवं वीर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

सशक्त पंचायतें ही मजबूत लोकतंत्र की आधारशिला – निदेशक निधि यादव

इस अवसर पर निदेशक पंचायती राज निधि यादव ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें देश की आजादी के लिए किए गए संघर्ष, बलिदान और राष्ट्र निर्माण के संकल्प की याद दिलाता है। भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में पंचायती राज संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर शासन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पंचायतों को अधिक सशक्त, सक्षम और जवाबदेह बनाना समय की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की अधिकांश आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है और प्रदेश के समग्र विकास की मजबूत नींव गांवों के विकास से ही तैयार होगी। पंचायतें केवल विकास योजनाओं को लागू करने वाली संस्थाएं नहीं हैं, बल्कि स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी, पारदर्शिता और सामाजिक उत्तरदायित्व को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक आवश्यकताओं को समझते हुए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।

निदेशक ने कहा कि पंचायतों में महिलाओं, युवाओं और समाज के सभी वर्गों की भागीदारी बढ़ाना भी जरूरी है। डिजिटल माध्यमों के उपयोग से पंचायतों के कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही को और मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निर्वहन करते हुए उत्तराखंड के गांवों को आत्मनिर्भर, सशक्त और विकसित बनाने में सक्रिय योगदान देंगे।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर निदेशालय पंचायती राज विभाग में आयोजित समारोह में निदेशक पंचायती राज आईएएस निधि यादव ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए स्वतंत्रता के महत्व, राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत के लक्ष्य पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने पंचायती राज एवं पीएमजीएसवाई के अधिकारियों-कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

आईएएस निधि यादव ने कहा कि विकास के लिए 80 वर्ष का समय बहुत अधिक नहीं होता। आजादी मानव विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह प्रत्येक व्यक्ति को समानता और आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि केवल बाहरी गुलामी से मुक्त होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि मानसिक गुलामी से भी मुक्त होना जरूरी है। जब तक हमारी सोच स्वतंत्र और नवाचार आधारित नहीं होगी, तब तक हम अपने व्यक्तिगत और राष्ट्र के विकास को अपेक्षित गति नहीं दे सकते।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा लालकिले की प्राचीर से देश के विकास के लिए जो लक्ष्य निर्धारित किए जा रहे हैं, वे केवल घोषणाएं नहीं हैं। ‘विजन 2047’ कोई नारा नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य है। इसके लिए देश के प्रत्येक नागरिक को अपनी भूमिका और जिम्मेदारी को समझना होगा।

निदेशक ने कहा कि युवाओं को नवाचार का साथी बनना होगा। ग्रीन एनर्जी के लक्ष्य को हासिल करने के साथ-साथ देश को परमाणु ऊर्जा, सेमीकंडक्टर और आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में भी आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना भी विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र के विकास में परिवहन, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामुदायिक विकास जैसे घटकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। विकास केवल व्यक्तिगत उन्नति तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति में देश के विकास के प्रति जिम्मेदारी और देशभक्ति की भावना भी होनी चाहिए।

निधि यादव ने कहा कि हमें आजादी की कीमत को समझना होगा और स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष एवं बलिदान से प्रेरणा लेते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए। उन्होंने पंचायती राज व्यवस्था की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि देश की बड़ी आबादी गांवों में निवास करती है और पंचायती राज संस्थाएं विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और जनसुविधाओं को बेहतर बनाने में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें।

उन्होंने पीएमजीएसवाई के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर संपर्क और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के माध्यम से विकास की गति को और तेज किया जा सकता है। उन्होंने सभी से व्यक्तिगत विकास के साथ राष्ट्र के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

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